संत कबीर नगर में अग्निकांड के दोषियों को कड़ी सजा दे सरकार:- भाकपा(माले)

संवेदनहीन डीएम तथा एसपी को बर्खास्त किया जाए
चंदौली 21 मार्च 2025, सटीक संवाद। संत कबीर नगर अग्निकांड में जले हुए घरों को प्रधानमंत्री आवास देकर बनवाए जाने, उक्त जमीन पर बसे गरीब राजभर परिवारों को पट्टा देकर उसका कागज दिए जाने, प्रत्येक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिए जाने, घायलों का निःशुल्क इलाज कराए जाने, पीड़ितों की सुरक्षा व्यवस्था किए जाने, सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिए जाने, डीएम व एसपी को त्वरित कार्रवाई न करने व संवेदनहीनता के लिए दंडित किए जाने, प्रत्येक परिवार को छह माह के लिए राशन, कपड़ा सहित जीवनोपयोगी आवश्यक वस्तुएं मुफ्त दिए जाने सहित आठ सूत्रीय मांगों को लेकर भाकपा(माले)के राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस कार्यक्रम के तहत स्थानीय बिछिया स्थित धरना स्थल से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च कर भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं में जिलाधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा
मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं भाकपा (माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने कहा कि संत कबीर नगर के कर्री गांव (थाना क्षेत्र महुली) में होली के दिन (14 मार्च 2025 को) हुई घटना निंदनीय व बेहद चिंताजनक है. नशे में धुत होकर सामंती दबंगों ने गरीब राजभर लोगों की बस्ती पर हमला किया, लाठी-डंडों से बुरी तरह महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की पिटाई की और 21 घरों को आग लगाकर पूरी तरह जला दिया.
माले जिला सचिव ने आगे कहा की हमले में घायल दो व्यक्ति गोरखपुर मेडिकल कालेज में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. 21 परिवारों की जीवन भर की कमाई स्वाहा हो गई. उनके सर पर न छत बची है, न खाने को अन्न का दाना.
भाकपा(माले) राज्य कमेटी सदस्य कामरेड शशिकांत सिंह ने कहा की हमारी पार्टी की एक टीम ने घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवारों से भेंट की है और तथ्यों को जाना है. घटना के पीछे डीजे बजाने का विवाद तो महज एक बहाना है. असल बात हमला करने वाले गांव के दबंग भूमिहार जाति के लोगों द्वारा उस जमीन पर कब्जा करने की साजिश है, जिस पर 21 गरीब राजभर परिवार दशकों से रहते आ रहे हैं.
इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई राहत सामग्री, खाद्यान्न, कपड़ा व दवा-इलाज के लिए पैसा पीड़ितों को नहीं दिया गया है. डीएम, एसपी हाल तक जानने नहीं गए. न ही सभी हमलावर गिरफ्तार किए गए हैं. महिलाओं को अभी भी दोबारा हमले की आशंका है. उन्हें धमकियां मिल रही हैं. पीड़ित परिवार दहशत में हैं. यह घटना सरकार की नाकामी है. मौजूदा शासन में दबंगों का मनोबल बढ़ा है. वे गरीबों पर हमले कर रहे हैं.
प्रतिवाद दिवस कार्यक्रम तथा मार्च में राज्य कमेटी सदस्य कामरेड विजई राम, श्यामदेयी, मुन्नी गोंड, सुनैना कुमारी, रामायण राम, किस्मत यादव, रामदुलार बिंद, चंद्रिका यादव, हरिशंकर विश्वकर्मा, उमानाथ चौहान, पतालु गोंड, राम कृत कोल, राम किशुन राम, रमेश राय, तेजू राय, मुनीलाल राम सहित भाकपा(माले)के सैकड़ो कार्यकर्ता शामिल रहे।

