राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर गूंजा ‘स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत’ का संदेश, एनसीसी कैडेटों ने निकाली जागरूकता रैली

श्रीकांतपुर, डेढ़वलिया और शहीदगांव में गूंजा ‘कृमि मुक्त हो अपना भारत’ का संदेश, छात्र-छात्राओं को वितरित की गई दवा
धानापुर,चंदौली। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से बचाने तथा समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अमर शहीद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शहीद गांव में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 91 यूपी एनसीसी बटालियन मुगलसराय के समादेश अधिकारी कर्नल सुखवीर पुनिया के निर्देशन में विद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं को कृमि मुक्ति की दवाएं वितरित की गईं। इसके साथ ही एनसीसी कैडेटों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को कृमि संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही आम लोगों को यह संदेश देना था कि स्वस्थ शरीर के लिए स्वच्छता, पौष्टिक आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जाने वाले अभियानों में भागीदारी बेहद जरूरी है। एनसीसी कैडेटों ने रैली के दौरान लोगों को जागरूक करते हुए “स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत, कृमि मुक्त हो अपना भारत” जैसे नारे लगाए। रैली में शामिल कैडेटों के नारों से आसपास का वातावरण जागरूकता संदेशों से गूंज उठा।
एनसीसी कैडेटों ने विद्यालय परिसर से जागरूकता रैली की शुरुआत की। रैली श्रीकांतपुर, डेढ़वलिया और शहीद गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान कैडेटों ने ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चों से संवाद करते हुए कृमि संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक रहने की अपील की। रैली का उद्देश्य केवल विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं तक संदेश पहुंचाना नहीं था, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी अभियान से जोड़ना था।
रैली में एनसीसी कैडेट अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े। कैडेटों ने अपने हाथों में जागरूकता संदेशों से संबंधित तख्तियां लेकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परिवार और समाज दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बच्चों में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या का असर उनके शारीरिक विकास, पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते आवश्यक सावधानी बरतना बेहद महत्वपूर्ण है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य संतोष कुमार ने कहा कि कृमि मुक्ति भारत के संकल्प को साकार करने में एनसीसी कैडेटों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। कैडेट केवल विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को जागरूक करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने आसपास रहने वाले बच्चों और उनके परिवारों को भी अभियान की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि जब जागरूकता का संदेश घर-घर तक पहुंचेगा तभी ऐसे स्वास्थ्य अभियानों का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के शिक्षा का केंद्र होने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। यहां से निकलने वाला संदेश समाज के बड़े वर्ग तक पहुंच सकता है। एनसीसी कैडेट अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित की भावना से जुड़े होते हैं, इसलिए स्वास्थ्य जागरूकता जैसे अभियानों में उनकी भागीदारी विशेष महत्व रखती है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के बच्चों को भी कृमि मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान मेजर लाल बिहारी प्रसाद ने कहा कि बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से मुक्त करना भारत सरकार के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल है। उन्होंने बताया कि 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को पेट में होने वाले हानिकारक परजीवी कृमियों से मुक्त रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए विद्यालय, परिवार, स्वास्थ्य विभाग और समाज के सभी लोगों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
मेजर लाल बिहारी प्रसाद ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्वस्थ बच्चे ही बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकते हैं और देश के विकास में आगे चलकर अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के लिए जागरूकता फैलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कैडेटों को अपने आसपास के बच्चों को भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने और सरकारी स्वास्थ्य अभियानों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को कृमि मुक्ति की दवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी भी दी गई। कैडेटों और विद्यालय परिवार ने बच्चों को बताया कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार द्वारा संचालित ऐसे अभियानों का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित रखना है। बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालय स्तर पर लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
एनसीसी कैडेटों ने रैली के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि घर और आसपास का वातावरण साफ रखना, साफ पानी का इस्तेमाल करना, भोजन से पहले और शौचालय के बाद हाथ धोना तथा बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। स्वच्छता संबंधी आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
रैली के दौरान कैडेटों ने लोगों से अपील की कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। यदि किसी बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी समस्या दिखाई दे तो समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया। बच्चों ने उत्साह के साथ रैली में हिस्सा लिया और विभिन्न नारों के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाया। एनसीसी कैडेटों ने पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम में आशुतोष सिंह और अमरेन्द्र सिंह सहित एनसीसी कैडेट राजलक्ष्मी सिंह, आस्था यादव, वैष्णवी पाण्डेय, शुभम यादव, निखिल यादव और सत्यम गिरी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी कैडेटों और छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि देश को स्वस्थ और मजबूत बनाने की शुरुआत बच्चों के स्वास्थ्य से होती है। यदि बचपन स्वस्थ होगा तो भविष्य भी मजबूत होगा। इसी सोच के साथ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता रैली ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
एनसीसी कैडेटों की ओर से निकाली गई रैली ने लोगों को यह संदेश दिया कि “स्वस्थ बच्चे, स्वस्थ भारत” केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के बेहतर भविष्य का संकल्प है। कृमि संक्रमण से बचाव, स्वच्छता के प्रति जागरूकता और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर सामूहिक प्रयास ही इस संकल्प को मजबूत आधार दे सकते हैं। विद्यालय के इस अभियान से छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामीणों में भी स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचा और लोगों से बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की गई।