चंदौली में गौ तस्करों को बॉर्डर पार कराने वाले आरक्षी को जेल

भाई सत्येंद्र भी गौतस्करी में जेल जा चुका है, पुलिस की कार्य प्रणाली पर उठे सवाल
चंदौली, जिले के सैयदराजा थाने में तैनात कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र यादव को पुलिस टीम ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए जेल भेज दिया गया. अब तो पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
धर्मेंद्र यादव पर आरोप है कि उसके द्वारा पशु तस्करों से संबंध रखना और उनसे मोटी रकम वसूली की गई है. इस मामले की विभागीय जांच कराई गई थी, जांच के बाद मामला साफ होने पर यह कार्रवाई हुई है.
सूत्रों की मानें तो गिरफ्तारी के दौरान धर्मेंद्र ने थाने से भागने की कोशिश भी की और पहरे पर तैनात सिपाही से बदसलूकी भी की.
गौतस्करो को यूपी बार्डर पार कराने के आरोप में आरोपी के सगे भाई आरक्षी सत्येन्द्र यादव को पूर्व में जेल भेजा गया था. जमानत पर रिहाई होने के बाद सत्येंद्र को निलंबित किया गया था. बाद में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लेकर ड्यूटी पर वापस बहाल हुआ था और एसपी ने उसकी तैनाती चकरघट्टा थाने में कर दी. धर्मेंद्र यादव की गिरफ्तारी से चंदौली पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
एएसपी अनंत चंद्रशेखर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीओ की जांच में आरक्षी धर्मेंद्र यादव को सैयदराजा थाने में तैनाती के दौरान पशु तस्करी में संलिप्तता के आरोप सही पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया है. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

