नौगढ़ के विशेश्वरपुर में हादसा, खुले में पशु चराने पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नौगढ़ (चंदौली)। एक ओर बीमारी से जूझ रहा पिता बिस्तर पर पड़ा है और दूसरी ओर उसका सहारा बेटा सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच गया। नौगढ़ तहसील क्षेत्र के विशेश्वरपुर गांव में रविवार को सड़क किनारे भैंस चराने के दौरान हुए हादसे ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दीं। सड़क पर अचानक दौड़ी भैंस की चपेट में आने से बाइक सवार युवक और उसके साथ मौजूद दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम के पुत्र अस्तिव 4वर्ष, और दो भतीजा विवेक कुमार 24वर्ष, ज्योतिष कुमार (14) शामिल हैं।

हादसे में विवेक के सिर और पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनका दाहिना हाथ टूट गया। वहीं दोनों बच्चों के सिर में गंभीर चोट बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया, जहां उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
बाजार जाते समय हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक रविवार, 6 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे विवेक कुमार बाइक से बच्चों का बाल कटवाने और मझगांव पुल स्थित बाजार से कुछ सामान लेने जा रहे थे। बाइक पर उनके साथ ज्योतिष कुमार और छोटा बच्चा अस्तिव भी था। इसी दौरान विशेश्वरपुर गांव में जनक पाल के घर के पास सड़क की पटरी पर ललई यादव उर्फ लालजी पुत्र रामजियावन यादव भैंस चरा रहे थे।
बताया गया कि इसी दौरान एक भैंस अचानक तेज गति से सड़क की ओर दौड़ी और बाइक से जा टकराई। अचानक सामने आई भैंस से बाइक सवार को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई और तीनों सड़क पर जा गिरे। हादसे में विवेक को गंभीर चोटें आईं, जबकि दोनों बच्चे भी घायल हो गए।
घायल पड़े रहे, राहगीरों ने पहुंचाया घर
परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद भैंस चराने वाला व्यक्ति घायलों की मदद करने के बजाय भैंस लेकर वहां से चला गया। घायल अवस्था में बच्चे और युवक काफी देर तक सड़क किनारे पड़े रहे। करीब आधे घंटे बाद उधर से गुजर रहे राहगीरों की नजर घायलों पर पड़ी। इसके बाद राहगीरों ने घायलों को उठाया और उनके घर पहुंचाया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन तत्काल घायलों को जिला अस्पताल लोढ़ी, सोनभद्र लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें वाराणसी के निजी वर्षवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पहले से बीमारी से जूझ रहे पिता की बढ़ी चिंता
इस हादसे ने परिवार की परेशानी इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि विवेक के पिता और भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम स्वयं लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। रामचंद्र राम के मुताबिक हाई शुगर, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी और लीवर संबंधी समस्याओं के साथ हृदय की गति भी सामान्य से काफी कम रहती है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह 8 से 10 अगस्त तक जिला अस्पताल लोढ़ी, सोनभद्र में भर्ती रहे। इसके बाद चिकित्सकों की सलाह पर 11 अगस्त से 27 अगस्त तक बीएचयू में भर्ती होकर उपचार कराया। वर्तमान में वह घर पर बेड पर आराम कर रहे हैं। ऐसे में इकलौते पुत्र विवेक ही परिवार का सहारा है। लेकिन हादसे में विवेक के गंभीर रूप से घायल होने से परिवार पर संकट और गहरा गया है।
रामचंद्र राम ने भावुक होकर कहा कि बीमारी की हालत में उन्हें अपने बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों का सहारा चाहिए था, लेकिन अब उनका बेटा ही अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। दो छोटे बच्चों के घायल होने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
सड़क की पटरी पर पशु चराने पर उठे सवाल
हादसे के बाद सड़क की पटरी पर खुले में पशु चराने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे पशु चराने और उन्हें खुले में छोड़ने से अचानक पशुओं के सड़क पर आने का खतरा बना रहता है। खासकर बाइक और दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसी स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की पटरियों पर मनमाने ढंग से पशु चराने पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों और उनके किनारे पशु चराने की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन को मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़क किनारे पशु चराने की समस्या को केवल छोटी घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। जब तक इस पर प्रभावी रोक नहीं लगेगी, तब तक इस तरह के हादसों का खतरा बना रहेगा।
फिलहाल तीनों घायलों का वाराणसी में उपचार चल रहा है। परिवार के लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। वहीं हादसे के बाद ग्रामीणों ने भी प्रशासन से सड़क किनारे पशु चराने की व्यवस्था पर सख्ती बरतने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी पीड़ा से न गुजरना पड़े।

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