कांग्रेस और बीजेपी की टक्कर में तीन निर्दलीय मारे बाजी
चंडीगढ़, 08 अक्टूबर। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचते हुए फिर तीसरी बार जीत हासिल की है. भाजपा 90 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 37 सीटें ही मिली हैं. इस बार प्रदेश में छोटे दलों का सूपड़ा साफ हो गया है. क्षेत्रीय दलों की बात करें तो सिर्फ INLD को दो सीटों पर जीत मिली है, बाकी किसी क्षेत्रीय दल का खाता नहीं खुला. हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार तीन सीट जीतने में कामयाब रहे.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भूपिंदर सिंह हुड्डा, विनेश फोगाट, सावित्री जिंदल ने जीत हासिल कर ली है, लेकिन रंजीत सिंह चौटाला, दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला, चिरंजीव राव चुनाव हार गए हैं.बीजेपी ने इस बार के चुनावों में 2014 के अपने 47 सीटों के आंकड़े को पार किया है.हरियाणा में बीजेपी की ये जीत ऐतिहासिक है.
1972 के बाद ऐसा हुआ है, जब हरियाणा में किसी पार्टी की लगातार तीसरी बार सरकार बनी है. कांग्रेस नेता अब इस मंथन में जुट गए हैं कि उनसे कहां गलती हो गई? आखिर, कैसे उनसे हरियाणा की जीत मुट्ठी में आई रेत की तरह फिसल गई.
वोटों की गिनती के बीच पानीपत में कांग्रेस एजेंट द्वारा वोटिंग मशीनों में धांधली का आरोप लगाए जाने के बाद पानीपत सिटी विधानसभा क्षेत्र में वोटों की गिनती कुछ देर के बाद रोक दी गई. पानीपत सिटी और पानीपत ग्रामीण दोनों सीटों से भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है.
हरियाणा विधानसभा चुनाव में एक बार फिर एग्जिट पोल्स गलत साबित हुए हैं. सभी एग्जिट पोल्स ने हरियाणा में कांग्रेस को बहुमत और बीजेपी को सत्ता से दूर होने का अनुमान जताया था, लेकिन परिणाम इससे उल्टे नजर आए हैं. पांच अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में 67.90 प्रतिशत वोटिंग हुई.