30 नवंबर तक बीज खरीद पर अनुदान देय – कृषि अधिकारी

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तिथि बाद कोई अनुदान नहीं, राजकीय गोदामों पर गेहूं, मटर, मसूर सरसों के बीज उपलब्ध
चंदौली। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि सभी राजकीय बीज गोदामों पर 30 नवंबर तक विभिन्न प्रकार के बीजों के खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध रहेगा। उक्त तिथि के बाद राजकीय बीज गोदामों से मिलने वाले बीजों पर कोई अनुदान देय नहीं होगा।

फोटो: विनोद कुमार यादव (जिला कृषि अधिकारी चंदौली)

सभी राजकीय बीज गोदामों पर गेहूं की उन्नत किस्में यथा PBW-343, DBW-222, DBW-187, WH-1270 और HD-3298 पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, मटर, मसूर और सरसों के बीज भी 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को वितरित किए जा रहे हैं।
अब तक सभी राजकीय बीज गोदामों से 4024 क्विंटल गेहूं, 99.40 क्विंटल मटर, 129 क्विंटल मसूर और 15 क्विंटल सरसों की बिक्री 50 प्रतिशत अनुदान पर की जा चुकी है। इसके अलावा, 340 क्विंटल मसूर की बिक्री भी हुई है।
वहीं किसानों को तोरिया के 250 पैकेट, सरसों के 1000 पैकेट, मटर के 200 पैकेट और चना के 125 पैकेट के निःशुल्क मिनीकिट वितरित किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए मसूर के 2468 निःशुल्क मिनीकिट में से 952 का वितरण हो चुका है, जबकि 1516 पैकेट अभी भी शेष हैं। जिन किसानों को मसूर की बुवाई करनी है, वे तत्काल बीज गोदाम से निःशुल्क मिनीकिट प्राप्त कर सकते हैं।
भारत सरकार से चने के 200 पैकेट भी प्राप्त हुए हैं, जिन्हें सभी राजकीय बीज गोदामों पर समानुपातिक मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है। किसान इन चने के बीजों को भी गोदाम से निःशुल्क प्राप्त कर बुवाई कर सकते हैं। कृभको सेंटर चकिया और कृषक सेवा केंद्र (F.S.C.) नवीन मंडी पर भी 50 प्रतिशत अनुदान पर गेहूं उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से गेहूं की बुवाई जल्द से जल्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि देर से बुवाई करने पर प्रति हेक्टेयर प्रतिदिन 30-40 किलोग्राम गेहूं के उत्पादन में कमी आती है। इसलिए, उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए समय पर बुवाई आवश्यक है। उन्होंने पुनः सूचित किया कि 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्राप्त करने के लिए 30 नवंबर तक राजकीय बीज गोदामों से संपर्क कर बीज ले लें। अन्यथा उक्त तिथि के बाद गेहूँ के बीजों पर अनुदान देय नहीं होगा।

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