खून को किसी प्रयोगशाला में नहीं बनाया जा सकता- दिनेश चंद्रा

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इंसानी जज़्बात एक हैं, लहू का रंग एक है- मानव रक्त फाउंडेशन

वार्षिक रक्तदान जनजागरूकता की मुहिम कवियों के कविताओं से किया गया – अबू हासिम मानव रक्त फाउंडेशन
चंदौली,
 पीडीडीयू l हमारी साझी विरासत ही हमारा सबसे बड़ा बल है। रक्तदान जनजागरुकता अभियान के तहत- मानव रक्त फाउंडेशन के तत्वावधान में -लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन आयोजित हुआ।
समाज को जोड़ने के लिए ग्लू है खून, ज़ुबान और जज़्बात।शायर और कवि अपनी ज़ुबान में जज़्बात ही तो उड़ेलते हैं।एक रक्तदाता, जो आपके लिए बिल्कुल अनजान होता है, चंद पलों में ही आपसे खून का रिश्ता बना लेता है।मुशायरे में मुख्य अतिथि ग्रुप कैप्टन वायु सेना दिनेश चंद्रा व श्री हरिशंकर पूर्व अध्यक्ष बार कांसिल उत्तर प्रदेश रहे l
 वही बाहर से आये कवि शहजाडा कलिम, अना दहेलवी, आदर्श दूबे ,सावन शुक्ला,शहबाज तालिब,रामिश जौनपुरी,शरीफ़ शहबाज व संचालन अब्दुल्ला ख़ालिद ने किया l
  फादर आनंद ,गौरी संकर,फादर परवीन, फादर मंजु मैथिव,परमोद ,हेमंत,भारत भूषण,शरफराज पहलवान,जूनेद कबीर, इशरत उस्मानी,इमरान बनारसी, आकिब, मास्टर सहाबुद्दीन ,साहिद,हाजी ओकाश,आदि लोग उपस्थित रहें।
जो नेशनल इंटर कॉलेज, पीलीकोठीके प्रांगण में देश की साझा संस्कृति को संजोने का काम किया गया।।

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