चंदौली में लोना माता समाधि स्थल और पैतृक जमीन बचाने उतरी बसपा, मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने कहा कि लोना माता समाधि स्थल और ग्रामीणों की पैतृक जमीन से जुड़े मामले में किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों की बात सुनी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। मांगें नहीं मानी गईं तो बसपा ग्रामीणों के साथ आंदोलन करेगी।
चंदौली। मुगलसराय क्षेत्र के ताहिरपुर-मिल्कीपुर में लोना माता समाधि स्थल और उससे जुड़ी पैतृक जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों के लामबंद होने के बाद अब बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर समाधि स्थल और ग्रामीणों की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है। बसपा ने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

फोटो कैप्शन: लोना माता समाधि स्थल की भूमि को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते बसपा पदाधिकारी।
पुलिस बल और जेसीबी के पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया विरोध
बताया गया कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में प्रशासनिक टीम पुलिस बल और जेसीबी के साथ ताहिरपुर स्थित लोना माता समाधि स्थल एवं उससे जुड़ी भूमि पर पहुंची थी। प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की।
विरोध बढ़ने के बाद प्रशासनिक टीम को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद मामला और गरमा गया। ग्रामीणों का कहना है कि समाधि स्थल उनकी आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और आसपास की जमीन स्थानीय परिवारों की पैतृक संपत्ति से जुड़ी है। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले भूमि संबंधी अभिलेखों और आपत्तियों की जांच की जानी चाहिए।
ग्रामीणों के समर्थन में आगे आई बसपा
मामले में बसपा ने ग्रामीणों के पक्ष में आवाज उठाई है। जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें लोना माता समाधि स्थल को सुरक्षित रखने के साथ प्रभावित ग्रामीणों की पैतृक जमीन के संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की गई।
बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई से गरीब और दलित परिवारों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले को संवेदनशीलता के साथ देखने और ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान करने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। बसपा ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई और भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई तो पार्टी आंदोलन करेगी।

आस्था का केंद्र है लोना माता समाधि स्थल
स्थानीय लोगों के अनुसार ताहिरपुर बंदरगाह स्थित आदि शक्ति लोना माता समाधि स्थल क्षेत्र की धार्मिक आस्था से जुड़ा प्रमुख स्थल है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात सामने आती रही है। यही वजह है कि ग्रामीण समाधि स्थल के अस्तित्व और उससे जुड़ी भूमि को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं।
लंबे समय से चल रहा भूमि अधिग्रहण का विरोध
ताहिरपुर-मिल्कीपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध की स्थिति बनी हुई है। लोना माता समाधि स्थल और तथागत बुद्ध विहार को बचाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। क्षेत्र में फ्रेट विलेज के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया चलने की वजह से विवाद लगातार बना हुआ है।
अब बसपा द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामले में प्रशासन के अगले कदम पर ग्रामीणों की नजर है। ग्रामीण चाहते हैं कि भूमि और समाधि स्थल से जुड़े विवाद का समाधान बातचीत, अभिलेखों की जांच और प्रभावित पक्षों की आपत्तियों पर विचार के बाद किया जाए।