धानापुर में नहर ब्लाक फीडर की समस्या को लेकर जेई से मिले प्रेम सिंह, पांच पोल शिफ्ट कराने की मांग

धानापुर में नहर ब्लाक फीडर की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जेई गौतम कुमार से मुलाकात कर सिहावल के पास खेतों में लगे पांच बिजली पोल सड़क किनारे स्थानांतरित कराने की मांग की। जेई ने स्थलीय निरीक्षण कर स्टीमेट तैयार करने और चार नवंबर को एसी की बैठक में भेजने का आश्वासन दिया।

चंदौली। धानापुर पावर हाउस से संचालित नहर ब्लाक फीडर की बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या को लेकर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी प्रेम सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जेई गौतम कुमार से मुलाकात की। ग्रामीणों ने सिहावल गांव के पास खेतों में लगे बिजली के पोल और तारों के कारण बारिश व फसल के मौसम में बार-बार उत्पन्न होने वाली विद्युत समस्या से अवगत कराते हुए नहर पिच रोड के किनारे पांच पोल शिफ्ट कराने के लिए स्थलीय निरीक्षण और स्टीमेट तैयार कराने की मांग की। जेई ने स्थलीय निरीक्षण कर स्टीमेट तैयार कर चार नवंबर को एसी की बैठक में भेजने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों के अनुसार नहर ब्लाक फीडर से खड़ान, कांधरपुर, गुरेहू, अमरा, बम्हनियाव, महराई समेत कई गांवों में बिजली की आपूर्ति होती है। सिहावल गांव के पास खेतों में बिजली के पोल लगे होने के कारण बारिश के दिनों में धान के खेतों में पानी भरने पर बिजली के तार टूटने की समस्या सामने आती है। इससे विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल के दौरान तार टूटने की स्थिति में बिजली लाइन की मरम्मत को लेकर भी दिक्कत होती है। इसी तरह गेहूं की फसल के समय भी खेतों में लगे पोल और तार ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से किसानों की फसल प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

इसी समस्या को लेकर प्रेम सिंह ने जेई गौतम कुमार से नहर ब्लाक फीडर का स्थलीय निरीक्षण कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सिहावल गांव के पास खेतों में लगे पांच पोल को नहर पिच रोड के किनारे स्थानांतरित कराने के लिए विद्युत विभाग को स्टीमेट भेजा जाए, ताकि बार-बार होने वाली विद्युत समस्या का स्थाई समाधान हो सके और ग्रामीणों व किसानों को राहत मिले।

जेई गौतम कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वह स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक स्टीमेट तैयार करेंगे और इसे चार नवंबर को एसी की बैठक में भेजेंगे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पोलों को सड़क किनारे स्थानांतरित किए जाने से बारिश और फसल के मौसम में बिजली के तार टूटने तथा आपूर्ति बाधित होने की समस्या में कमी आएगी।

इस दौरान प्रवीण पाण्डेय, नीरज सिंह, शशी सिंह, विवेक सिंह (बिट्टू), विशाल गोड, शंकर गुप्ता, नीरज पाण्डेय, अमर सेठ, प्रदीप मौर्या, साजन शर्मा समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।