अपशिष्ट प्रबंधन पर आरती-अभय की टीम ने मारी बाजी, रही प्रथम

सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज-2026 में विद्यार्थियों ने सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के समाधान से जुड़े नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। अपशिष्ट प्रबंधन पर प्रस्तुति देने वाली आरती कुमारी एवं अभय कुमार की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता में बाजी मारी

सकलडीहा, चंदौली। सेवा संकल्प अभियान के तहत सकलडीहा पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग एवं संस्थान नवाचार परिषद (IIC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज-2026” में अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर प्रस्तुति देने वाली आरती कुमारी एवं अभय कुमार की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। सतत कृषि में मृदा स्वास्थ्य विषय पर प्रस्तुति देने वाली अंकिता कुमारी एवं मुस्कान की टीम दूसरे और किसानों की आय विषय पर प्रस्तुति देने वाली अंशिका यादव एवं पायल की टीम तीसरे स्थान पर रही।

महाविद्यालय सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ दोपहर 12 बजे हुआ। इसमें कुल पांच टीमों ने प्रतिभाग करते हुए विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक विषयों पर अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समस्याओं के व्यावहारिक समाधान और नवाचार की संभावनाओं को सामने रखा।

अर्थशास्त्र विभाग के प्रभारी प्रो. इन्द्रदेव सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचार और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नए विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देकर सामाजिक समस्याओं के समाधान के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।

प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए नवाचारी सोच के साथ निरंतर परिश्रम और सामाजिक उत्तरदायित्व को जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में तुषालक्ष्मी पांडेय, खुशी खखर, करिश्मा, नाजिया, पल्लवी, राज, कौशिक, खुशबू सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का संचालन NSS कार्यक्रम अधिकारी डॉ. योगेन्द्र तिवारी ने किया। संयोजन डॉ. मीनू श्रीवास्तव एवं डॉ. अमन मिश्र ने किया, जबकि तकनीकी सहयोग डॉ. श्यामलाल सिंह यादव ने प्रदान किया। इस दौरान डॉ. सीता मिश्रा, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. अनामिका सिंह सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

रिपोर्ट। रतन लाल