डीडीयू डीजल शेड को मिला पूर्व मध्य रेल का सर्वश्रेष्ठ शेड सम्मान
डीडीयू डीजल शेड को वित्त वर्ष 2025-26 में पूर्व मध्य रेल का सर्वश्रेष्ठ डीजल लोको शेड सम्मान मिला। 100 लोकोमोटिवों के अनुरक्षण, चार आईएसओ प्रमाणपत्रों, आधुनिक परीक्षण सुविधाओं और ‘कवच’ प्रणाली के फिटमेंट पर जोर के साथ शेड रेल परिचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ाने में योगदान दे रहा है।
चंदौली। डीडीयू डीजल शेड को वित्त वर्ष 2025-26 में पूर्व मध्य रेल का सर्वश्रेष्ठ डीजल लोको शेड सम्मान मिला है। शेड में 100 लोकोमोटिव (83 इलेक्ट्रिक और 17 डीजल) का अनुरक्षण किया जा रहा है। आधुनिक परीक्षण सुविधाओं, सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, ऊर्जा संरक्षण और गुणवत्ता प्रबंधन के जरिए रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल का डीजल शेड लोकोमोटिवों की उपलब्धता और अनुरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित अनुरक्षण के साथ आवश्यकतानुसार विशेष मरम्मत और निवारक अनुरक्षण भी किया जाता है। इससे इंजनों की कार्यक्षमता बनाए रखने और मालगाड़ियों के परिचालन को सुचारु बनाने में मदद मिलती है।
प्रतिदिन 400 से अधिक मालगाड़ियों के परिचालन में अहम भूमिका
डीडीयू मंडल प्रतिदिन 400 से अधिक मालगाड़ियों का निकटवर्ती मंडलों के साथ इंटरचेंज करता है। ऐसे में लोकोमोटिवों की पर्याप्त उपलब्धता परिचालन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। डीडीयू डीजल शेड द्वारा अनुरक्षित इंजनों से मुख्य रूप से प्रयागराज मंडल सहित धनबाद मंडल की ओर मालगाड़ियों के निर्बाध परिचालन में सहायता मिलती है।
सुरक्षा और ‘कवच’ प्रणाली पर जोर
रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शेड में लोकोमोटिवों के महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और अनुरक्षण किया जाता है। विभिन्न सुरक्षा एवं नियंत्रण प्रणालियों की कार्यक्षमता परखने के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किए जाते हैं।

इसके साथ ही लोकोमोटिवों में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है। आधुनिक सुरक्षा तकनीक और नियमित अनुरक्षण के माध्यम से परिचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
आधुनिक मशीनों से अनुरक्षण की गुणवत्ता में सुधार
शेड में लोकोमोटिवों के उपकरणों की जांच के लिए कई आधुनिक मशीनें और परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें क्यूडी (क्विक ड्रॉप) रिले टेस्ट बेंच, पीसी-8 टेस्ट बेंच, डीयू रिले टेस्ट बेंच, टीडीआर टेस्ट बेंच, डीआई रिले टेस्ट बेंच और हाई वोल्टेज वीसीबी टेस्ट बेंच शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त ट्रैक्शन मोटर के लिए हाई करंट इंजेक्शन टेस्ट मशीन, एसएमजीआर टेस्ट बेंच, टैन डेल्टा टेस्टिंग मशीन, डीजल एवं इलेक्ट्रिक लोकोमोटिवों के लिए अलग-अलग स्पीडोमीटर टेस्ट बेंच तथा ट्रैक्शन मोटर नो-लोड रन टेस्ट मशीन का उपयोग किया जाता है। इन सुविधाओं से विभिन्न उपकरणों का निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षण करने और अनुरक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता मिलती है।
चार आईएसओ प्रमाणपत्र भी हासिल किए
वित्त वर्ष 2025-26 में डीडीयू डीजल शेड को प्रबंधन की चार प्रमुख प्रणालियों के लिए आईएसओ प्रमाणपत्र प्राप्त हुए। इनमें आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन, आईएसओ 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन, आईएसओ 45001:2018 व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन तथा आईएसओ 50001:2018 ऊर्जा प्रबंधन शामिल हैं।
ये प्रमाणपत्र गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण, कर्मचारियों की सुरक्षा और ऊर्जा के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए अपनाई जा रही मानकीकृत कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण और प्रशिक्षण पर भी ध्यान
शेड में अपशिष्ट जल के उपचार और उचित निस्तारण के लिए एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) कार्यरत है। इसके साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर भी ध्यान दिया जाता है।
तकनीकी कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आधुनिक लोकोमोटिव प्रणालियों और नई तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण के जरिए कर्मचारियों के तकनीकी ज्ञान तथा कार्यकुशलता को अद्यतन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है।
डीआरएम के मार्गदर्शन में मिली उपलब्धि
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के मार्गदर्शन में डीडीयू डीजल शेड में अनुरक्षण की गुणवत्ता और कार्यकुशलता बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व मध्य रेल का सर्वश्रेष्ठ डीजल लोको शेड सम्मान मिलना शेड के कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
✍ रतन लाल| 9 अक्टूबर 2026