रामनगर बाल संप्रेक्षण गृह में 28 किशोरों की स्थिति का सचिव ने लिया जायजा
रामनगर बाल संप्रेक्षण गृह में 28 किशोरों की स्थिति का जायजा लेकर भोजन, स्वच्छता और सुविधाओं की समीक्षा की गई। किशोरों को शिक्षा, पॉक्सो एक्ट और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक किया गया।
चंदौली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने रामनगर स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर चंदौली के 28 किशोर अपचारियों की स्थिति जानी। उन्होंने किशोरों से समस्याओं की जानकारी लेने के साथ भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और कानूनी सहायता व्यवस्था की समीक्षा की।

कार्यकारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देश पर हुए निरीक्षण के दौरान सचिव ने किशोरों से बातचीत की। किशोरों ने किसी प्रकार की समस्या नहीं होने की बात कही।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने संप्रेक्षण गृह की पाकशाला का जायजा लिया और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। प्रभारी अधीक्षक कमलेश कुमार पांडेय ने बताया कि किशोरों को सुबह और दोपहर का भोजन निर्धारित मेनू के अनुसार दिया जाता है।
शिक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

सचिव निकिता गौड़ ने किशोरों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया। साथ ही बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और पॉक्सो एक्ट-2012 की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने प्रभारी अधीक्षक को निर्देश दिया कि कानूनी सहायता के इच्छुक किशोरों के अभिभावक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली के कार्यालय में निःशुल्क अधिवक्ता के लिए अनुरोध कर सकते हैं, ताकि जरूरतमंद किशोरों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
निरीक्षण के दौरान क्रीड़ा संयोजक सोहन लाल, केयरटेकर धर्मपाल, चतुर्थ श्रेणी सेवा प्रदाता हरिनंदन, बहादुर और गोविन्द गौतम, सिपाही राहुल तथा होमगार्ड राकेश शुक्ला और सूर्यनारायण उपस्थित रहे।
✍ रतन लाल| 9 अक्टूबर 2026