सकलडीहा पुलिस ने चोरी का महज 72 घंटे में किया पर्दाफाश; हिस्ट्रीशीटर निकला आरोपी, भेजा जेल

आठ मुकदमों में वांछित हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी और चोरी के माल की बरामदगी पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा है। दिनदहाड़े घर में घुसकर चोरी करने वाले आरोपी को महज 72 घंटे में दबोचकर सकलडीहा पुलिस ने अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बचने के लिए छिपने के ठिकाने बदल सकते हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से लंबे समय तक बच पाना आसान नहीं है।

चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के जलालपुर दरियापुर में बीते दिनों चोरी का एक मामला प्रकाश में आया था। पुलिस ने वादी की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 72 घंटे में घरचित नहर मोड़ के पास से आरोपी को दबोच उसकी निशानदेही पर चोरी गया चांदी का एक जोड़ी कड़ा और नगदी बरामद कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी है। जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है, वह पहले से ही 8 मामलों में वांछित चल रहा था।

बता दें कि बीते 28 अक्टूबर को जलालपुर दरियापुर निवासी जयशंकर यादव पुत्र बचाऊ राम यादव ने थाने में तहरीर दिया कि अपरान्ह तीन बजे अज्ञात चोर द्वारा छत के रास्ते घर में घुसकर आलमारी में रखे चांदी के एक जोड़ी कड़े और पांच हजार रुपए नगदी पार कर लिया गया है। जिसके आधार पर थाना स्थानीय पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर दबिश देना शुरू कर दी। इसी दौरान आज एक मुखबिर ने बताया कि चोरी की घटना कारीत करने वाला आरोपी विकास कुमार उर्फ छोटू उर्फ छोटन घरचित नहर मोड़ पर है। पुलिस टीम ने देर न करते हुए तत्काल जा धमकी और उसे दबोच लिया।वहीं थाना हाजा पर लाकर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उपनिरीक्षक धीरेन्द्र प्रसाद रावत, उपनिरीक्षक विजयशंकर चौहान, कांस्टेबल हृदेश चक्रवर्ती और कांस्टेबल प्रश्विन कुमार दूबे शामिल रहे।

थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने कहा कि क्षेत्र में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो और कानून से बचने के लिए कितने ही हथकंडे क्यों न अपनाए, पुलिस की नजरों से लंबे समय तक बच नहीं सकता। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।