बदायूं आंबेडकर प्रतिमा स्थापना विवाद ने पकड़ा तूल, चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री से पूछा- एक सप्ताह से पुलिस क्या कर रही थी?

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राजा की सीकरी में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, ग्रामीणों ने रात में घरों में दबिश और तोड़फोड़ के लगाए आरोप; आजाद समाज पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जल्द गांव पहुंचकर लेगा स्थिति का जायजा

बदायूं। थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के राजा की सीकरी गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा कि जब गांव में करीब एक सप्ताह से प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां चल रही थीं, तो पुलिस और एलआईयू उस दौरान क्या कर रही थी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने राजा की सीकरी गांव के ग्रामीणों से बातचीत की है। ग्रामीणों का कहना है कि विवाद के बाद प्रशासन अब बदले की भावना से कार्रवाई कर रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में घरों में दबिश दी जा रही है और तोड़फोड़ की जा रही है। उनका दावा है कि कई घरों में केवल महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद हैं। ऐसे में पुलिस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
आजाद ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पथराव या हिंसा में जो भी लोग दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष तरीके से कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन कानून-व्यवस्था की आड़ में निर्दोष ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को डराना-धमकाना या उनके घरों में तोड़फोड़ करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से पूछा- समय रहते क्यों नहीं किया संवाद
चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि जब प्रतिमा स्थापित करने की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं तो प्रशासन ने समय रहते ग्रामीणों से बातचीत क्यों नहीं की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस और एलआईयू को इसकी जानकारी थी तो विवाद को रोकने के लिए पहले से आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी भी संवेदनशील मामले में दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। समय रहते संवाद होता तो संभव है कि विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई में पारदर्शिता की मांग की।
दोषियों पर हो कार्रवाई, निर्दोषों को न किया जाए परेशान

आजाद ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। यदि किसी ने पथराव किया है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया है तो उसकी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान या भयभीत न किया जाए।
जल्द गांव पहुंचेगा पार्टी का प्रतिनिधिमंडल

चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राजा की सीकरी गांव पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की वास्तविक स्थिति का जायजा लेगा।
प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से बातचीत के साथ घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को समझने का प्रयास करेगा। पार्टी की ओर से कहा गया है कि ग्रामीणों की शिकायतों को सुना जाएगा और मामले में सामने आने वाली वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजा की सीकरी गांव में आंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक ओर पुलिस-प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर चंद्रशेखर आजाद ने ग्रामीणों के आरोपों का हवाला देते हुए कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। वहीं आजाद समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के प्रस्तावित दौरे के बाद विवाद से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

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