दीपावली और जन्मदिन पर अमित मौर्य की अनूठी पहल, अहिकौरा में बच्चों को कापी कलम देकर जगाई शिक्षा की अलख

अपने जन्मदिन और दीपावली को बच्चों की खुशियों तथा शिक्षा के नाम समर्पित कर अमित मौर्य ने समाज के सामने सेवा और संवेदनशीलता की प्रेरक मिसाल रखी। कॉपी-कलम का छोटा-सा उपहार बच्चों के भविष्य के लिए बड़ा संदेश है। जब व्यक्तिगत खुशियां सामाजिक सरोकार से जुड़ती हैं, तभी त्योहार की रोशनी समाज के अंतिम छोर तक पहुंचती है।

धानापुर (चंदौली)। जन्मदिन की खुशी और दीपावली की रोशनी को समाज के नौनिहालों के नाम समर्पित कर सामाजिक कार्यकर्ता एवं दैनिक भास्कर न्यूज रिपोर्टर अमित मौर्य ने प्रेरणादायक पहल की। 8 नवंबर 2026 को अपने जन्मदिन और दीपावली के अवसर पर उन्होंने अपनी ग्रामसभा अहिकौरा में बच्चों के बीच कॉपी, कलम और मिठाइयां वितरित कर खुशियां बांटीं। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरे माहौल में उत्साह छा गया।

अमित मौर्य ने कहा कि जन्मदिन केवल अपने लिए खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां भरने का भी दिन है। इसी सोच के साथ उन्होंने इस बार अपना जन्मदिन बच्चों के बीच मनाने का निर्णय लिया। बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करना उनके लिए विशेष आनंद का विषय रहा।

इस दौरान उन्होंने बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई ही वह मजबूत आधार है, जिसके सहारे बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सभी बच्चे नियमित रूप से विद्यालय जाएं, मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने शिक्षकों की बातों का पालन करें। विद्यालय में मिलने वाले गृहकार्य को समय से पूरा करें तथा शिक्षकों द्वारा बताए गए अच्छे रास्ते पर चलकर अपने भविष्य को संवारें।

उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा बड़े-बुजुर्गों का आदर-सम्मान करने की सीख दी। कहा कि अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हैं। मेहनत, अनुशासन और सम्मान की भावना ही बच्चों को एक बेहतर इंसान बनाती है।

दीपावली के अवसर पर अमित मौर्य ने बच्चों को बम-पटाखों से दूर रहने की विशेष सलाह दी। उन्होंने कहा कि पटाखे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं और उनसे निकलने वाला धुआं पर्यावरण को प्रदूषित करता है। त्योहार को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाना चाहिए, ताकि खुशियों के पर्व पर किसी को नुकसान न पहुंचे।

अमित मौर्य ने भावुक संदेश देते हुए कहा कि जिस तरह एक दीपक स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में उजाला फैलाता है, उसी तरह इंसान की असली खुशी दूसरों की मदद करने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने में है। आज उनका जन्मदिन भी है और दीपावली का पर्व भी। इसलिए उन्होंने अपनी खुशियों को बच्चों के साथ साझा करने का फैसला किया। उनके लिए इससे बड़ा उपहार कुछ और नहीं हो सकता कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आए और उनके मन में शिक्षा के प्रति नई उम्मीद जगे।