सैयदराजा में लाई-चूड़ा की दुकान की आड़ में पटाखों का गोदाम, 525 किलो विस्फोटक के साथ कारोबारी गिरफ्तार

घनी आबादी के बीच 525 किलो पटाखों का अवैध भंडारण महज कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को खतरे में डालने वाला कृत्य था। दुकान की आड़ में छिपे इस खतरनाक कारोबार का समय रहते खुलासा पुलिस की सतर्कता और सूचना तंत्र की सक्रियता को दर्शाता है।

चंदौली। दुकान के बाहर लाई-चूड़ा का कारोबार और मकान की तीसरी मंजिल पर बारूद का जखीरा! सैयदराजा कस्बे में पुलिस ने अवैध पटाखों के ऐसे ही खतरनाक कारोबार का पर्दाफाश किया है। घनी आबादी के बीच छिपाकर रखे गए 39 बोरों से 525 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद हुए हैं। समय रहते हुई पुलिस की कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे का खतरा टाल दिया। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

दुकान की आड़ में तीसरी मंजिल पर गोदाम

मामला वार्ड नंबर एक अम्बेडकरनगर में रामजानकी मंदिर के सामने का है। यहां मनोज कुमार पुत्र मोहन साव लाई-चूड़ा की दुकान चलाता था। इसी दुकान की आड़ में उसने अपने मकान की तीसरी मंजिल पर अवैध पटाखों का गोदाम बना रखा था। बिना लाइसेंस घनी आबादी के बीच इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री का भंडारण गंभीर खतरे का कारण बन सकता था।

यक्ष ऐप पर सूचना, रात नौ बजे पुलिस की दबिश

पुलिस के अनुसार, बीट भ्रमण के दौरान सिपाही राजू सिंह को अवैध पटाखों के भंडारण की भनक लगी। उन्होंने तत्काल यक्ष ऐप पर सूचना दर्ज की। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र ने पुलिस टीम के साथ रात करीब नौ बजे संबंधित मकान पर छापेमारी की। वीडियोग्राफी के बीच तलाशी लेने पर तीसरी मंजिल से 39 बोरियों में भरे 525 किलो पटाखे बरामद हुए।

40 प्रकार के पटाखों का मिला जखीरा

बरामद पटाखों में चटाई बम, हवाई बम, डायनामाइट बम, बुलेट बम, टाइमिंग बम, रॉकेट बम, चकरी, फुलझड़ी, अनार और माचिस बम समेत करीब 40 प्रकार के पटाखे शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ सैयदराजा थाने में धारा 288 बीएनएस और 9बी विस्फोटक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।