उत्तर प्रदेश में एमएलसी चुनाव संपन्न, मतपेटियों में बंद हुआ 152 प्रत्याशियों का भाग्य

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम राजनीतिक दलों की संगठनात्मक ताकत और शिक्षित वर्गों के बीच उनकी स्वीकार्यता का संकेत देंगे। हालांकि, इन चुनावों के मतदाताओं का दायरा सीमित और विशिष्ट होने के कारण इनके नतीजों को पूरे प्रदेश के जनमत का सीधा प्रतिबिंब नहीं माना जा सकता। अब 27 अक्टूबर की मतगणना से ही स्पष्ट होगा कि किस प्रत्याशी ने अपने पक्ष में बेहतर समर्थन जुटाया।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर मतदान पूरा, 27 अक्टूबर को आएगा परिणाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (एमएलसी) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया। मतदान समाप्त होने के साथ ही चुनाव मैदान में उतरे 152 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।

प्रदेश के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान सुबह आठ बजे से शुरू होकर शाम चार बजे तक चला। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मतदान केंद्रों पर निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

14.81 लाख से अधिक मतदाता थे पंजीकृत

इस चुनाव में कुल 14,81,310 मतदाता पंजीकृत थे। मतदान के लिए प्रदेशभर में 2,697 मतदान स्थल बनाए गए थे। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 12,309 मतदानकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 456 जोनल मजिस्ट्रेट और 11 प्रेक्षक चुनाव की निगरानी में लगाए गए थे।

विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए चुनाव कराया गया। मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं पर नजर रखी गई।

27 अक्टूबर को होगी मतगणना

मतदान संपन्न होने के बाद अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की निगाहें मतगणना पर टिक गई हैं। 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही स्पष्ट हो जाएगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में किस प्रत्याशी को मतदाताओं का समर्थन मिला।