डीडीयू जंक्शन पर 8 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू, परिजनों से नाराज होकर जा रहे थे कमाने

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डीडीयू चाइल्ड लाइन को सौंप परिजनों को दी सूचना, मानव तस्करी व बाल श्रम को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

चन्दौली,डीडीयू नगर। जंक्शन के प्लेटफॉर्म सं0 08 पर खड़ी गाड़ी संख्या 12987 अप अजमेर–सियालदह एक्सप्रेस के सामान्य कोच से 8 नाबालिग बच्चे रेस्क्यू किए गए। जो घर से नाराज होकर परिजनों को बीना बताए कमाने के लिए जयपुर और अजमेर जा रहे थे।

सभी नाबालिग बच्चों को तुरंत ट्रेन से उतारकर आरपीएफ पोस्ट डीडीयू लाया गया। यहां सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड लाइन डीडीयू के ऑन-ड्यूटी स्टाफ को सौंपा गया, ताकि उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके। कर्मचारियों ने उनकी काउंसलिंग की और उनके परिजनों को सूचित किया गया।
पूछताछ में बिहार (कैमूर व रोहतास जिला) के छ: बच्चों ने बताया कि वह अपने परिजनों को बिना बताए काम की तलाश में जयपुर जा रहे थे। वहीं, पश्चिम बंगाल (साउथ 24 परगना) के दो बच्चे ने बताया कि वह पारिवारिक कारणों से नाराज होकर अजमेर की ओर काम ढूंढने निकले थे।
आरपीएफ डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम द्वारा ‘ऑपरेशन आहट’ और ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत अनवरत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कार्रवाई की गई है। 
आरपीएफ डीडीयू द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानव तस्करी व बाल श्रम को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान में आरपीएफ टीम से उप निरीक्षक अर्चना मीणा, अश्वनी कुमार, सहायक उप निरीक्षक शाहिद खान, सतीश सिंह और आरक्षी अशोक यादव शामिल थे। बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम की सीमा यादव ने भी इसमें सहयोग किया। 

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