दलित व्यक्ति का सर मुड़ाकर परेड कराना निंदनीय-माले

आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा देने की मांग की है.
लखनऊ, 30 सितंबर। भाकपा (माले) ने फतेहपुर जिले में 47 वर्षीय दलित व्यक्ति का सर मुड़ाकर परेड कराने और पिटाई करने की कड़ी निंदा की है. पार्टी ने इसे बर्बर कार्रवाई बताते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा देने की मांग की है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि योगी शासन में दलित-विरोधी मानसिकता वाले मनुवादी सामंती तत्वों का मनोबल चरम पर है. खबर के अनुसार, फतेहपुर के बेलोपुर अलाई गांव में बीते शुक्रवार को हुई घटना में पीड़ित दलित शिवबदन पर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डालने का आरोप लगाकर आरोपियों ने उसके पत्नी-बच्चों सहित पूरे परिवार पर हमला किया.
आरोपी उसे खींच कर मंदिर ले गए, सर मुड़ाया, जूतों से पिटाई की, परेड कराते हुए दूसरे मंदिर ले गए, दबाव डालकर हनुमान चालीसा पढ़वाया और फिर पिटाई की. पीड़ित के अनुसार आरोपी ऊंची जातियों से हैं और बजरंग दल के हैं.
पुलिस ने पीड़ित की एफआईआर पहले दर्ज करने से मना किया, फिर दर्ज की और उसके साथ आरोपियों की ओर से काउंटर एफआईआर भी दर्ज कर ली।
राज्य सचिव ने कहा कि मानवता और संविधान को शर्मशार करने वाली इस घटना का मानवाधिकार आयोग को भी संज्ञान में लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. कहा कि सरकार विकसित भारत का ढोल पिट रही है और प्रदेश में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. दूसरी तरफ, गृहमंत्री संसद में डॉ. अंबेडकर की विरासत और संविधान का अपमान कर रहे हैं. क्या भाजपा का विकसित भारत मनुस्मृति के आधार पर चलेगा?

