हाईकोर्ट ने 19 बाहुबलियों के शस्त्र लाइसेंस और सुरक्षा का ब्यौरा मांगा

498cc1e80298
इलाहाबाद, 22 मई — उत्तर प्रदेश में 19 बाहुबलियों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रभावशाली व्यक्तियों को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंसों और सरकार द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा का विस्तृत ब्यौरा इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से तलब कर लिया है। न्यायालय ने यह भी पूछा है कि गंभीर आपराधिक मुकदमे चलने के बावजूद इन व्यक्तियों को हथियार का लाइसेंस और सरकारी सुरक्षा किस आधार पर दी गई।



राज्य सरकार के हलफनामे के अनुसार प्रदेश में कुल 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन लाइसेंसों में से 6,062 लाइसेंस ऐसे व्यक्तियों को दिए गए जो आपराधिक इतिहास वाले बताए गए हैं। उस सूची में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह और विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), बृजेश सिंह जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है कि इन 19 व्यक्तियों को किस तारीख को लाइसेंस दिए गए, उन्हें कितनी और किस श्रेणी की सरकारी सुरक्षा दी गई, तथा सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की रैंक क्या है। एकल पीठ के जस्टिस विनोद दिवाकर ने प्रदेश में बढ़ते ‘गन कल्चर’ पर गहरी चिंता जताई और सरकार से ऐसी पॉलिसियों की पुनः समीक्षा करने को कहा जो बिना कठोर जांच के हथियार लाइसेंस जारी करने की अनुमति देती हों।

अदालत ने पुलिस प्रशासन और गृह विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि पिछली सुनवाई में मांगी गई कोई भी जानकारी छिपाई न जाए। सरकार को विस्तृत हलफनामा अगली सुनवाई तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित की गई है। न्यायालय का रुख इस बात की ओर संकेत करता है कि सरकारी लाइसेंसिंग और सुरक्षा प्रावधानों की पारदर्शिता तथा शासकीय निर्णयों में देयता पर कड़ा परीक्षण होने वाला है, विशेषकर जब आरोपितों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मुकदमे चल रहे हों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *