चंदौली में कृषि विभाग का ‘धमाका’: छापेमारी में 3 विक्रेताओं पर भारी कार्रवाई

dc9e6a1fd150

रजिस्टर गायब तो एक्सपायरी दवाओं का काला कारोबार


चंदौली के किसानों को अब शुद्ध कीटनाशकों की सच्ची गारंटी मिलेगी। 25 अप्रैल 2026 को जिले के कृषि विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत 16 कीटनाशक दुकानों पर धमाकेदार औचक छापेमारी की। इसमें तीन प्रमुख विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया—क्योंकि उनके यहां बिक्री रजिस्टर गायब था और एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग कोना तक नहीं। यह सख्ती अपर मुख्य सचिव (कृषि) लखनऊ के आदेशों और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देशों पर चली। 

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में दो शक्तिशाली टीमें बनीं—जिनमें उप कृषि निदेशक, सहायक मत्स्य अधिकारी, कृषि रक्षा अधिकारी और उद्यान अधिकारी शामिल थे। टीम-1 ने 6 दुकानों का, जबकि टीम-2 ने 10 का जायजा लिया। निरीक्षण में 6 कीटनाशक नमूने भी लिए गए, जिनकी लैब जांच होगी।नोटिस वाले विक्रेता हैं—मेसर्स कृष्णा फर्टिलाइजर (सकलडीहा), मेसर्स एग्रीकल्चर सेंटर (चहनियां) और मेसर्स विकास बीज भंडार (चहनियां)। 
विभाग ने चेतावनी दी: ये लापरवाहियां किसानों की कमर तोड़ सकती हैं—मिलावटी या एक्सपायरी दवाएं फसल बर्बाद कर देंगी। अगर संतोषजनक जवाब नहीं आया, तो कीटनाशक अधिनियम 1968 और नियम 1971 के तहत लाइसेंस रद्द और सजा तय।
यह अभियान चंदौली के हजारों किसानों के लिए वरदान है—अब मिलावट का जाल टूटेगा, खेती सुरक्षित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शायद आपसे छूट गई खबरें