विकास कार्यों और खर्च की जानकारी पर अटका आरटीआई मामला, नगर पंचायत चकिया को आयोग की फटकार
चकिया, चंदौली। नगर पंचायत चकिया में कराए गए विकास कार्यों और उन पर हुए खर्च से संबंधित सूचना आरटीआई के तहत समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला राज्य सूचना आयोग पहुंच गया। आवेदक विकेश कुमार की ओर से मांगी गई जानकारी निर्धारित समय में नहीं मिलने पर आयोग ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए नगर पंचायत को नियमानुसार सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। आयोग की कार्रवाई के बाद नगर पंचायत में आरटीआई आवेदनों के निस्तारण और विकास कार्यों से जुड़े अभिलेखों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

विकास कार्यों और खर्च की मांगी गई थी जानकारी
जानकारी के अनुसार विकेश कुमार ने नगर पंचायत चकिया से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत नगर क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरटीआई आवेदन में विकास कार्यों पर हुए खर्च, संबंधित कार्यों और उनसे जुड़े अभिलेखों की जानकारी मांगी गई थी।
आवेदन के जरिए नगर पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों तथा सार्वजनिक धन के इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया था। ऐसी सूचनाएं उपलब्ध होने से संबंधित कार्यों और उन पर हुए खर्च का विवरण सरकारी अभिलेखों के आधार पर सामने आ सकता है।
समय पर सूचना नहीं मिलने से आयोग पहुंचा मामला
आवेदक का कहना है कि निर्धारित समयावधि में मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। सूचना नहीं मिलने के बाद मामला आगे बढ़ा और राज्य सूचना आयोग के समक्ष पहुंचा। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने नगर पंचायत को मांगी गई सूचना नियमानुसार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
आयोग के निर्देश के बाद अब नगर पंचायत को आरटीआई आवेदन में मांगी गई सूचनाओं पर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी।
आरटीआई में देरी पर उठे सवाल
जन सूचना अधिकार अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसके तहत पात्र आवेदक द्वारा मांगी गई सूचना को कानून में निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार उपलब्ध कराना संबंधित लोक सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में सूचना समय से उपलब्ध नहीं होने के बाद मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंचना नगर पंचायत में आरटीआई आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
सूचना मिलने पर स्पष्ट होगा खर्च का विवरण
विकेश कुमार द्वारा मांगी गई सूचना नगर पंचायत क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों और उनसे संबंधित खर्च से जुड़ी है। नगर पंचायत की ओर से सूचना उपलब्ध कराए जाने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि आवेदन में जिन विकास कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, उनके संबंध में सरकारी अभिलेखों में क्या विवरण दर्ज है और संबंधित कार्यों पर कितना खर्च दर्शाया गया है।
आरटीआई के माध्यम से ऐसी जानकारी हासिल करना नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों के कामकाज और सरकारी रिकॉर्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है।
आयोग के निर्देश के बाद सूचना देना होगा
राज्य सूचना आयोग के निर्देश के बाद नगर पंचायत के सामने अब मांगी गई सूचना नियमानुसार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। आरटीआई से संबंधित मामलों में सूचना देने में अनावश्यक देरी या आयोग के निर्देशों का अनुपालन नहीं होने पर कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई का प्रावधान है।
हालांकि किसी अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी या नहीं, यह संबंधित मामले के तथ्यों, रिकॉर्ड और आयोग की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
फिलहाल राज्य सूचना आयोग के हस्तक्षेप के बाद नगर पंचायत चकिया से विकास कार्यों और खर्च से संबंधित आरटीआई सूचना मिलने का इंतजार है। सूचना उपलब्ध होने के बाद नगर क्षेत्र में कराए गए संबंधित विकास कार्यों और उनके अभिलेखों से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।