धीना थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि पसाई गांव निवासी नेहा कुमारी पुत्री स्वर्गीय सुमेर राय ने थाने में लिखित तहरीर देकर बताया कि उनकी माता स्वर्गीय रत्नी देवी पत्नी स्वर्गीय सुमेर राय के नाम मौजा पसाई, परगना नरवन, तहसील व जिला चंदौली में कृषि भूमि दर्ज थी। भूमि का आराजी नंबर 326/2 मि. और रकबा 0.253 हेक्टेयर है।
रत्नी देवी की मृत्यु के बाद उनके भतीजे दिलीप कुमार राजभर ने कथित तौर पर कूटरचित पहचान पत्र तैयार कराया और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उक्त भूमि की वरासत अपने नाम दर्ज करा ली। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
इस मामले में धीना थाने में मु0अ0सं0 75/2026 दर्ज किया गया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(3) के तहत कार्रवाई की।
जांच के दौरान दिलीप कुमार राजभर की मामले में संलिप्तता सामने आने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे थे। इसी क्रम में सोमवार शाम मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम इनायतपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दिलीप कुमार राजभर ने बताया कि वह करीब 10-12 वर्ष की उम्र से अपनी बुआ के घर रह रहा था। बुआ और फूफा की मृत्यु के बाद उसने कूटरचित पहचान पत्र के आधार पर जमीन की वरासत अपने नाम दर्ज करा ली थी।
गिरफ्तार दिलीप कुमार राजभर पुत्र धर्मदेव राजभर मूल रूप से ग्राम निकृष, पोस्ट रामपुर, थाना राजपुर, जिला बक्सर, बिहार का निवासी है। उसका वर्तमान पता ग्राम इनायतपुर, थाना धीना, जनपद चंदौली बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसकी उम्र करीब 28 वर्ष है।
गिरफ्तारी की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक धीना दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक प्रेमनारायण सिंह और रिजर्व कांस्टेबल विकास यादव शामिल रहे।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।