जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने किया वाराणसी जेल का निरीक्षण, बंदियों की समस्याओं से लेकर बच्चों की शिक्षा तक परखी व्यवस्थाएं

चंदौली खबरें जनसमस्या
चंदौली। कार्यकारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) चंदौली के अध्यक्ष अशोक कुमार XI के निर्देश पर डीएलएसए की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को जिला कारागार वाराणसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला और पुरुष बैरकों से लेकर जेल अस्पताल, पाकशाला और महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था तक का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों से उनकी समस्याएं जानीं और जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए जेल प्रशासन को निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जेलर सुरेश बहादुर सिंह, डिप्टी जेलर शिवपूजन मिश्रा, सत्यम मिश्रा समेत जेल का अन्य स्टाफ मौजूद रहा। सचिव निकिता गौड ने महिला एवं पुरुष बैरकों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत करते हुए जेल में मिल रही सुविधाओं और किसी प्रकार की समस्या के बारे में जानकारी ली।

महिला बैरक में बंदियों से उनकी समस्याओं के संबंध में पूछताछ की गई। महिला बंदियों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। सचिव ने उनके साथ बातचीत के दौरान उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और यह भी जाना कि उनकी आवश्यकताओं को किस तरह पूरा किया जा रहा है।

इसके बाद सचिव ने जेल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बंदियों के उपचार की स्थिति, उपलब्ध दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि जिन बंदियों को उपचार की आवश्यकता है, उन्हें समय पर दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बंदी मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर नियमित निगरानी रखने पर भी जोर दिया।

सचिव ने जेल की पाकशाला का भी निरीक्षण किया और वहां तैयार किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई की स्थिति देखी। उन्होंने जेल प्रशासन को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ ही पाकशाला में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों से उनके साथ रह रहे बच्चों के संबंध में भी जानकारी ली गई। सचिव ने बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की और यह जाना कि जेल में उनके साथ रह रहे बच्चों की पढ़ाई किस प्रकार संचालित हो रही है। इस दौरान महिला बंदियों की समस्याओं और उनकी आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली गई।

निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण पहलू बंदियों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था रहा। सचिव निकिता गौड ने बंदियों को फ्री लीगल एडवाइजरी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानूनी सहायता की आवश्यकता रखने वाले बंदी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नियमानुसार सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि ऐसे बंदियों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए, जो अपने मुकदमों में कानूनी सहायता प्राप्त करना चाहते हैं। इससे जरूरतमंद बंदियों को आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।

सचिव ने निरीक्षण के दौरान जेल में बंदियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन से बंदियों की आवश्यकताओं और उनके सामने आने वाली समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता और कानूनी सहायता से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की स्थिति जानना और पात्र बंदियों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना रहा। निरीक्षण के दौरान सचिव ने जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि बंदियों को निर्धारित सुविधाएं और जरूरत के अनुसार कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *