पुत्र प्राप्ति के लिए पूजा जाता है जोड़ा शिवलिंग

026edccfef1b

जामेश्वर महादेव पूरी करते हैं मुराद, भैया दूज पर जुटते हैं हजारों श्रद्धालु


लखनऊ, उत्तर प्रदेश का एक ऐसा एकलौता जनपद चंदौली है, जहां सदर ब्लॉक के जामडीह गांव में जामेश्वर महादेव मंदिर में जोड़ा शिवलिंग स्थित है, और पुत्र प्राप्ति के लिए दिवाली के दूसरे दिन भैया दूज पर पूजा जाता है. यहां पुत्र प्राप्ति के लिए लोग देश के कोने कोने से आते हैं. इस दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर स्नान करने के बाद जलाभिषेक कर दर्शन पूजन करते हैं. उनकी मुराद पूरी होती है तो घंट बांधते हैं. यह स्थान लगभग 200 वर्षों का ऐतिहासिक है.
फोटो: जामडीह के जामेश्वर महादेव मंदिर में स्थित जोड़ा शिवलिंग 
बुधवार को पुत्र प्राप्ति के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा रहा. हजारों की संख्या में महिलाएं पुरुष मौजूद रहे. महिलाएं पोखरे में स्नान करने के बाद भीगे कपड़े सदा के लिए छोड़ कर नए कपड़े धारण की और फिर जलाभिषेक कर दर्शन पूजन किया. इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रही.स्थानीय मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से महिलाओं का बंध्यत्व दूर होता है और उन्हें संतान का वरदान प्राप्त होता है.

फोटो: जामडीह स्थित जामेश्वर महादेव का मंदिर 

 
मेले की शुरुआत
बताया जाता है कि गाजीपुर निवासी सुखलाल अग्रहरि घोड़े से वाराणसी जा रहे थे. यात्रा के दौरान थककर वे जामडीह में एक पेड़ के नीचे विश्राम करने लगे. उसी समय उन्हें स्वप्न में भगवान शिव के दर्शन हुए और मंदिर निर्माण का आदेश मिला. अगले दिन उन्होंने उस स्थान की खुदाई की, जहां दो शिवलिंग प्राप्त हुए

फोटो ज़ामडीह मेले में जुटे श्रद्धालु 

परंपरा की शुरुआत
मंदिर बनने के बाद सुखलाल अग्रहरि को तीन पुत्र हुए. इसके बाद से यह मान्यता चली आ रही है कि संतान की कामना से भक्त यहाँ दर्शन करने आते हैं.
मेले का आयोजन
यह मेला हर साल दीपावली के ठीक अगले दिन भैया दूज पर लगता है.
भक्तों की मान्यता है कि संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी करने के लिए इस दिन भक्त मंदिर के पास स्थित सरोवर में स्नान कर जलाभिषेक करते हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *