पुलिस कमिश्नर ने नहीं की कार्रवाई, न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
वाराणसी। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार की अदालत ने चौक थाने के एक मामले में मकान-मालिक सरोज गुप्ता व बिल्डर मो स्वालेहिन उर्फ टापू के खिलाफ़ बिना कोई अभियोग पंजीकृत किये बगैर घटना के संबधित तथ्यों के बाबत स्वतंत्र साक्षियो का बयान अंकित करके थानाध्यक्ष चौक अपनी विस्तृत जांच आख्या 6 मार्च 2025 तक न्यायालय में प्रस्तुत करें. अदालत में परिवादी का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक कुमार दुबे ने पक्ष रखा.
हुकुलगंज चौकाघाट निवासी परिवादी राजेन्द्र प्रसाद निगम ने सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत 21 सितंबर 2023 को कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था. आरोप था कि परिवादी द्वारा स्वयं को विपक्षी सरोज गुप्ता का किरायेदार होना कहा है. परिवादी द्वारा विपक्षीगण स्वालेहिन उर्फ टप्पू तथा सरोज गुप्ता को 12 लाख रुपया देना भी कहा है. 1 दिसम्बर 2018 से दुकान पर काबिज़ होने तथा विवाद के चलते सिविल प्रकृति से निषेधाज्ञा का प्राप्त होने का भी कथन किया गया है.
घटना 2 मई 2023 को दुकान का ताला टूटा होने एवं विपक्षीगण द्वारा दुकान का सामान भरने एवं लाखों रुपये का सामान गायब होने का भी कथन किया गया है. स्थानीय पुलिस का मौके पर आना भी कहा गया है. परिवादी 24 अगस्त 2023 को पुलिस कमिश्नर को रजिस्टर्ड प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई. तब थक हार कर न्यायालय की शरण ली।