महिला रेलकर्मी की मालगाड़ी की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

झंडी दिखाने को पार कर रही थी ट्रैक, पति लोको पायलट मे हैं तैनात
चंदौली, सटीक संवाद। जिले के
खुचमा रेलवे स्टेशन पर पोटर के पद पर तैनात महिला की रेलवे ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी दूबे अलीनगर इंस्पेक्टर विनोद मिश्रा सहित आरपीएप पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शव को अंत्य परीक्षण हेतु पीडीडीयू नगर ले गयी. घटना को लेकर परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था.
मृतक रेलकर्मी का पति लोको पायलट के पद पर तैनात है.
सकलडीहा कस्बा के तेन्दुईपुर गांव निवासी बीरेन्द्र राजभर झांझा में लोको पायलट पद पर तैनात है. बीरेंद्र की शादी बिहार के बक्सर तुड़ीगंज निवासी स्व.पारस राजभर के पुत्री पूजा राजभर की शादी वर्ष 2021 हुई थी. पूजा के पिता भी रेलकर्मी थे. ड्यूटी के दौरान पिता की मौत होने पर पूजा राजभर खुचमा रेलवे स्टेशन पर आश्रित के रूप में पोटर के पद पर तैनात थी.पूजा राजभर को डेढ़ साल का एक वेटा दिव्यांश है.
सोमवार को सुबह पूजा घर से ड्यूटी के लिये खुचमा स्टेशन गयी हुई थी. दोपहर में करीब 11 बजकर 56 मिनट पर डाउन लाइन में मालगाड़ी की सूचना होने पर महिला रेलकर्मी अप प्लेटफार्म से झंडी दिखाने के लिये रेलवे लाइन क्रास कर रही थी.अचानक मालगाड़ी की चपेट में आने से महिला रेलकर्मी की दर्दनाक मौत हो गयी. घटना के बाद स्टेशन पर खलबली मच गई.
सूचना पर पहुंचें परिजनों ने महिला रेलकर्मी का शव देख दहाड़ मारकर रोने लगे. देखते देखते काफी संख्या में भीड़ जुट गयी. वही जीआरपी इंस्पेक्टर दिलदारनगर एमपी दूबे,अलीनगर इंस्पेक्टर विनोद मिश्रा सहित मुगलसराय से आरपीएफ भी पहुंच गए. परिजन लोको पायलट पुत्र के आने के बाद शव को ले जाने की बात को लेकर अड़े रहे. पुलिस कर्मियों ने किसी तरह समझा बुझाकर शव को पीडीडीयू नगर ले गये. जहां पंचनामा सहित अभिलेखी कार्रवाई के बाद चंदौली जिला अस्पताल पीएम के लिये भेजा गया.
फूट ओवर ब्रिज से होकर जाती तो बच जाती जान
पूजा राजभर तीन वर्ष पूर्व खुचमा रेलवे स्टेशन पर पोटर के पद पर तैनात थी. खुचमा रेलवे स्टेशन पर सुबह 9 बजे से पांच बजे तक पूजा की ड्यूटी रहती है. महिला रेलकर्मी साड़ी पहनी हुई थी. जो इनका ड्रेस कोड है. ग्रामीणों के अनुसार रेलवे लाइन पार करते समय साड़ी रेलवे लाइन में फस जाने के कारण हादसा होने की बात कह रहे थे. प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना था कि काश महिला रेलकर्मी फूट ओवर ब्रिज से होकर जाती तो जान बच जाती. लेकिन फूट ओवर ब्रिज से बार बार आना जाना संभव नहीं था.
मातृत्व दिवस पर पूजा ने बेटे को गोंद में लेकर खुब दुलारा था
पूजा राजभर को डेढ़ वर्ष का एक पुत्र दिव्यांश था. एक दिन पूर्व मातृत्व दिवस था. दिव्यांश अपनी मां की गोंद में खुब खुशी खुशी खेल रहा था. मां भी बेटे को खुब दुलार कर रही थी. लेकिन अबोध बच्चे को क्या पता की मातृत्व दिवस के एक दिन बाद मां का साया सिर से जीवन भर के लिये उठ जायेगा. जिसे लेकर अनजान था. लोको पायलट पति वीरेन्द्र राजभर पत्नी की दर्दनाक मौत पर बेसुध हो जा रहा था. इसके अलावा पिता रामकेवल, बड़ा भाई बबलू राजभर,संतोष, रतेन्द्र सहित परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था।


