उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा और एसडीएम न्यायिक विकासधर ने पहलवानों को हाथ मिलाकर प्रतियोगिता शुरू कराया। इस मौके पर कमेटी की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र और मालाफूल से सम्मानित किया गया।
कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर सुबह से ही पहलवानों का जमावड़ा होने लगा था। फाइनल कुश्ती प्रतियोगिता चकिया अखाड़ा के पहलवान शमशेर और बेलवानी अखाड़ा के पहलवान मंटू पहलवान के बीच 24 हजार की हुई। पहलवानों ने दमखम के साथ कुश्ती प्रतियोगिता में दांव आजमाया। दंगल प्रेमियों की तालियों की गड़गड़ाहट पहलवानों का उत्सावर्धन करते रहा। नामी गिरामी पहलवानों ने अपने कला कौशल से सबको बांधे रखा।
उपजिलाधिकारी अनुमप मिश्रा और एसडीएम न्यायिक विकाशधर ने कहा कि कुश्ती प्रतियोगिता भारत की संस्कृति है। मेरी माँटी मेरा देश के तहत इस कला को देश विदेशों में भी पहचान मिली है। अतिथियों ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए मालाफूल पहनाकर सम्मानित किया। अंत में कमेटी की ओर से एसडीएम सहित अन्य अतिथियों को मालाफूल और अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।