कार्यक्रम की शुरुआत बुद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष पूजा-पाठ और श्रद्धा के साथ अर्चना से हुई। इसके बाद वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को हिंसा, द्वेष और वैमनस्य से दूर रहकर शांति, दया और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों में मानवता, समानता और सदाचार को विशेष महत्व दिया गया है।
संस्था के अध्यक्ष बलवंत मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवहार में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, आपसी सम्मान और समानता की भावना मजबूत होने से सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने लोगों से बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और उनके संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने समाज में भेदभाव और आपसी वैमनस्य को दूर करने तथा जरूरतमंदों की सेवा के लिए आगे आने पर भी चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मानव कल्याण की भावना के साथ किए गए प्रयास ही समाज को बेहतर दिशा दे सकते हैं। पूजा-अर्चना के बाद लोगों ने भगवान बुद्ध के आदर्शों और शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नंदलाल, लालजी, बुद्ध प्रताप, वासदेव, दूधनाथ पाल, सत्येंद्र कुमार, संदीप कुमार, संतोष कुमार, बृजेश कुमार, अजय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।