40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत

वाराणसी। ज़िला जज संजीव पांडेय की अदालत ने डुप्लेक्स देने के नाम पर 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में वन प्लेस ग्रुप के निर्देशक रणविजय सिंह को राहत दे दी. वन प्लेस टावर ज़ेपी मेहता कॉलेज के पीछें क्लब रोड, थाना कैंट निवासी रणविजय सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए जाने की दशा में 50-50 हज़ार रुपये की दो ज़मानते एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी व सुनील मिश्रा ने पक्ष रखा.
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी प्रभा सिंह ने वन प्लेस इनफ्रास्टक्चर्स प्रा० लि० के नटिनियादाई, वाराणसी प्रोजेक्ट वन प्लेस एव्युनू में एक मकान सं0-6, 90 लाख रूपये में बुक की थी, जिसका उसने 20 लाख रूपया 2015 में भुगतान कर दिया. 20 लाख रुपये पाने के बाद रणविजय सिंह Fully Furnished घर देने से इंकार कर दिये. वह 2015 में ही अपनी बुकिंग रद्द कर अपना 20 लाख रुपया वापस देने के लिये कही.
वह उसका 20 लाख रुपये वापस नहीं किये . 20 लाख अतिरिक्त भुगतान के बाद Registered Agreement देने के लिए स्वीकार किये क्योंकि वादिनी को Home Loan लेना था। कुल 40 लाख रूपये पाने के बाद Registered Agreement नहीं कराये. 2017 में 100 प्रतिशत यानी 90 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए पत्र भेजे.
वादिनी उनसे Registered Agreement और दूसरे डाक्यूमेंट होम लोन के लिए मांगी तो वे उसे कुछ भी नहीं दिये तथा 2018 में एक तरफा बिना किसी औचित्य के उसकी बुकिंग रद्द करने का पत्र भेज दिये. वह 16 सितम्बर 2019 में एस०एस०पी०, वाराणसी से रणविजय सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के लिए शिकायत दर्ज कराई. रणविजय सिह ने बताया कि वे घर सख्या 6 किसी और को बेच दिये हैं और उसे उसी के पास घर संख्या 9/10 लेने को कहा.
वे Registered Agreement तुरन्त करने तथा हर तरह से सम्पूर्ण घर मई 2020 के पहले देने का आस्वासन दिये. घर का क्षेत्रफल बढ़ने और अन्य कारणों से 11 लाख रुपये अतिरिक्त देने के लिए कहे. वादिनी कानूनी प्रकिया से बचने, बार- बार मुम्बई से आने जाने और सब शर्ते मानने के आश्वासन पर तथा 20 मई 2020 के पहले घर मिलने के उनके आश्वासन पर 11 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान करने के लिए तैयार हो गई. अब Fully Furnished घर के साथ Covered Car Parking Club Membership Life Time Free Maintenance ट्रान्सफार्मर मीटर Electrical charges को मिलाकर 1.01 करोड में मई 2020 के पहले घर देने के लिए तय हो गया.
इस बार फिर विपक्षी अपने सारे वादे से मुकर गये, न तो Agreement Registered करवाये, न होम लोन के लिए कोई डाक्यूमेंट दिये और न तो घर का possession ही दिये. वे बार-बार 100 प्रतिशत payment की मांग कर एक तरफा बुकिंग रद्द कर देते हैं और हर बार नई शर्त जोड़ देते हैं. अब रणविजय सिंह कह रहे हैं कि पीछे की सारी बात भूल कर नया घर किसी नये जगह पर वह ले और पीछे के सारे commitment से मुकर रहे हैं.
वादिनी को बेचे हुये घर को तैयार कर दूसरे को बेच देना, नया घर देने का वादा करना और उसे भी दूसरे को बेच देना. उसका 40 लाख रुपये करीब 6 साल पहले भुगतान करने के बाद उसे घर नहीं देने की धोखाधड़ी कर रहे हैं.

