लखीमपुर खीरी में हिरासत में मौत की न्यायिक जांच हो : माले

3db1652c4a3e
लखनऊ, 13 अप्रैल। भाकपा (माले) ने लखीमपुर खीरी के मितौली थाने में दलित ग्रामीण की हिरासत में मौत के आरोपी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने और घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

फोटो: मृतक दलित ग्रामीण आशाराम की फाइल फोटो


राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश हिरासती मौतों पर टॉप पर है। लोकतंत्र व मानवाधिकारों के लिहाज से यह शर्मनाक स्थिति है। यहां पुलिस राज है। सरकार की ओर से पुलिस को दी गई खुली छूट के चलते यह स्थिति है। भाजपा सरकार दलित-विरोधी है। योगी सरकार में दलितों की हालत बदतर है। उनके साथ अमानवीय सलूक हो रहा है। चुनाव आयोग इसका संज्ञान ले और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाये।

दलित ग्रामीण आशाराम (50 वर्ष) के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में लेकर उनकी न सिर्फ बर्बर पिटाई की, बल्कि उन्हें बिजली के करेंट भी लगाए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक के शरीर पर चोट के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस अपने किये पर पर्दा डालने के लिए बीमारी से मौत होने का बहाना बना रही है। खबर के अनुसार, हत्या की घटना में पूछताछ के लिए पुलिस ने आशाराम को शुक्रवार को गिरफ्तार किया था और अगले दिन परिजनों को उनकी लाश मिली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शायद आपसे छूट गई खबरें