बसपा सरकार में अपराध की ‘इंडस्ट्री’ वाले बयान पर रामजी गौतम ने गृहमंत्री को घेरा, भाजपा सरकार में पेपर लीक और स्कूल बंद होने का आरोप

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लखनऊ। केंद्रीय गृहमंत्री के उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के दौरान अपराध को लेकर दिए बयान पर बसपा के राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को किसी सरकार के कार्यकाल पर टिप्पणी करते समय तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए। गौतम ने दावा किया कि बसपा शासन में कानून-व्यवस्था मजबूत थी, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं के निरस्त होने और सरकारी स्कूलों के बंद होने जैसे मुद्दे गंभीर रहे हैं।

रामजी गौतम ने गृहमंत्री के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उत्तर प्रदेश में पिछली सरकारों के दौरान अपराध की ‘इंडस्ट्री’, अवैध कट्टा-तमंचा बनाने और वाहन चोरी व चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों को लेकर टिप्पणी की गई थी। उन्होंने कहा कि जिस पद की जिम्मेदारी गृहमंत्री संभाल रहे हैं, उसकी गरिमा को देखते हुए किसी भी राजनीतिक टिप्पणी में तथ्य और प्रमाण महत्वपूर्ण होने चाहिए।

बसपा शासन की कानून-व्यवस्था का किया उल्लेख

गौतम ने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती के चार कार्यकाल के दौरान प्रदेश में गुंडाराज, माफिया और डकैतों के प्रभाव को खत्म करने के लिए कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, उस दौरान गुंडा टैक्स जैसी अवैध वसूली पर रोक लगी और प्रदेश में कानून-व्यवस्था का माहौल बेहतर हुआ।

उन्होंने दावा किया कि बसपा शासन में गरीब और भूमिहीन परिवारों को जमीन के पट्टे दिए गए तथा जिन परिवारों के पास लंबे समय से रहने की जगह थी, उन्हें मालिकाना हक देने की दिशा में काम हुआ। गौतम ने आरोप लगाया कि बाद में भाजपा सरकार के कार्यकाल में बुलडोजर कार्रवाई के कारण गरीब परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति पैदा हुई।

पेपर लीक को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना

बसपा सांसद ने वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने की घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने अलग-अलग वर्षों में पुलिस भर्ती, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन, नलकूप चालक, UPTET, लेखपाल, पुलिस कांस्टेबल और RO/ARO जैसी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए।

गौतम ने 2024 की पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का भी उल्लेख किया और दावा किया कि पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की लगातार सामने आई घटनाओं ने युवाओं के बीच भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। गौतम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसकी तुलना मध्य प्रदेश के व्यापम मामले से भी की।

सरकारी स्कूल बंद होने का दावा

रामजी गौतम ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी प्राथमिक और जूनियर विद्यालय बंद किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल से बाहर हैं और उन्हें शिक्षा का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है।

इसके विपरीत उन्होंने वर्ष 2007 से 2012 तक के बसपा शासन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उस दौरान करीब 5,000 प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय खोले गए। इसके अलावा 572 राजकीय हाईस्कूल एवं माध्यमिक विद्यालय, 100 से अधिक डिग्री कॉलेज तथा कई उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किए गए।

गौतम ने कहा कि बसपा सरकार के दौरान ग्रामीण और दलित-पिछड़े बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा के साथ गरीब परिवारों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया।

कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर भी सवाल

बसपा सांसद ने कहा कि वर्ष 2007 से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में डकैतों और अपराधियों का प्रभाव था, लेकिन बसपा शासन में इसे नियंत्रित करने की दिशा में कार्रवाई हुई। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान प्रदेश में अमन-चैन का माहौल कायम हुआ।

गौतम ने भाजपा सरकार पर हत्या, दुष्कर्म और जमीनों पर जबरन कब्जे जैसी घटनाओं को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जातीय और सामाजिक तनाव बढ़ा है। हालांकि ये सभी दावे रामजी गौतम द्वारा भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

नकली दवाओं के कारोबार का भी उठाया मुद्दा

रामजी गौतम ने उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली दवाओं के कारण कई लोगों और बच्चों की जान जाने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों और कारोबारियों के खिलाफ उसी तरह कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती, जैसी सरकार अन्य मामलों में बुलडोजर कार्रवाई के जरिए करती है।

गौतम ने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय रोजगार, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और गरीबों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री से अपील की कि संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप किसी भी सरकार के कार्यकाल का आकलन तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर किया जाए।

रामजी गौतम ने अपने बयान के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को अपराध, शिक्षा, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तथ्यात्मक चर्चा चाहिए। उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन ‘जय भीम, जय भारत’ के नारे के साथ किया।

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