पीलीभीत एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग- माले

पुलिस के दावे और मृतकों के परिजनों के कथन में काफी विरोधाभास, मुठभेड़ संदेहास्पद हो गई है, लिहाजा जांच जरुरी है- सुधाकर यादव
लखनऊ, 25 दिसंबर। भाकपा (माले) ने पीलीभीत एनकाउंटर की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि पुलिस के दावे और मृतकों के परिजनों के कथन में काफी विरोधाभास होने से 23 दिसंबर को हुई पीलीभीत मुठभेड़ संदेहास्पद हो गई है, लिहाजा जांच जरुरी है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि मृतकों में दो युवा मजदूर परिवार के हैं और उनकी उम्र 18 व 25 वर्ष है. दोनों के परिवारीजनों ने उनके आतंकी होने से इनकार किया है. 18 साल का जशनप्रीत सिंह ट्रक मजदूर था और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था. 25 साल का गुरविंदर सिंह भी गरीब परिवार से था. उस पर एक मुकदमा था और परिजनों के मुताबिक उसे मुकदमे में फंसाया गया था.
मुठभेड़ से पहले दोनों के अचानक पीलीभीत में होने पर भी परिजनों को हैरत है. खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से जुड़ा आतंकी होने के पुलिस के आरोप से वे असहमत हैं. इन परिस्थितियों में पीलीभीत मुठभेड़ के फर्जी होने को लेकर आशंकाएं प्रबल हैं. मुठभेड़ की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होने से ही सच्चाई सामने आएगी.