मारुफपुर में जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता का पोस्टर किया जारी, गांधी-शास्त्री जयंती पर शुभारंभ
मारुफपुर स्थित जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट की जिला स्तरीय प्रतियोगिता का गांधी-शास्त्री जयंती पर पोस्टर जारी कर शुभारंभ किया गया। वक्ताओं ने प्रतियोगिताओं को युवाओं के लिए प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपनी क्षमताओं को परखने का अवसर बताया।
चहनिया/चंदौली। मारुफपुर स्थित जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट की ओर से हर वर्ष आयोजित होने वाली जिला स्तरीय प्रतियोगिता का शुक्रवार को गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि सुनील यादव और विशिष्ट अतिथि राकेश यादव रौशन ने संयुक्त रूप से प्रतियोगिता का पोस्टर जारी किया। इस दौरान अतिथियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचारों एवं देश के प्रति योगदान को याद किया।

मुख्य अतिथि सुनील यादव ने कहा कि देश गांधी जी और शास्त्री जी के योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। गांधी जी ने देशवासियों को सत्य, अहिंसा और प्रेम के मार्ग पर चलने की सीख दी। वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश के जवानों और किसानों के सम्मान को नई पहचान दी।
विशिष्ट अतिथि राकेश यादव रौशन ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री भारत माता के दो नायाब हीरे थे। दोनों महापुरुषों ने अपने विचारों और कार्यों से देश का मस्तक ऊंचा करने का काम किया।
वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं युवाओं और छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से विद्यार्थियों में तैयारी, अनुशासन और बेहतर प्रदर्शन की भावना विकसित होती है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों को एक-दूसरे से सीखने और अपनी क्षमताओं को परखने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जुड़ना भी महत्वपूर्ण है। ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के निदेशक रामकुंवर ने किया, जबकि अध्यक्षता सारनाथ यादव ने की। इस अवसर पर शशांक शर्मा, निधि, शिवशंकर, पंकज यादव, पवन यादव, मिथिलेश यादव, मुलायम यादव और अजीत सहित अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।