समाजसेवी राकेश रौशन का प्रयास रंग लाया, चमाचम हुआ मारूफपुर चौराहा

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हर साल बरसात के मौसम में राहगीरों को झेलनी पड़ती थी फ़ज़ीहत अब मिलेगी मुक्ति।

चहनियां/चंदौली। कभी अपनी दुर्दशा पर वर्षों से आंसू बहाने वाला मारूफपुर चौराहा आज चमकने लगा। समाजसेवी पत्रकार राकेश यादव रौशन के प्रयासों से अब राहगीरों को कीचड़ और जलजमाव से जूझते हुए चौराहे से नहीं गुजरना पड़ेगा।


फ़ोटो : मारूफपुर चौराहा की बदलती तस्वीर 


मालूम हो कि विगत 27 जून, 2024 को राकेश रौशन के द्वारा चंदौली के कई समाचार पत्रों में “हल्की सी बरसात से झील बन जाता है मारूफपुर चौराहा” शीर्षक से ख़बर प्रकाशित करवाई गई थी। इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से टेलीफोन पर वार्ता कर उन्हें मारूफपुर बाजारवासियों की जटिल समस्या से अवगत कराया गया।

 जिसका असर शनिवार को तब देखने को मिला जब पीडब्ल्यूडी विभाग के कर्मचारी अपने लाव लश्कर और मशीनों के साथ मारूफपुर चौराहे पर पहुंचे। आनन फानन में पानी जमा होने वाले स्थान पर ट्रकों से गिट्टियां और मिट्टियाँ गिरने लगी। देखते ही देखते जलजमाव वाला चौराहा चमकने लगा। जिससे मारूफपुर बाज़ार के लोगों में हर्ष व्याप्त हो गया। 

     बताते चलें कि आजादी के बाद से मारूफपुर चौराहा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाता चला आ रहा है। हर साल बरसात के दिनों में चौराहे पर भारी जलजमाव होने और कीचड़ से राहगीरों का चलना दूभर हो जाता था। आमजनों के इस दर्द को समाजसेवी पत्रकार राकेश यादव रौशन ने महसूस किया और इसे ख़बर के रूप में प्रमुखता से लिखा।

 

ख़बर 27 जून, 2024 के अंक में छपी, जिसे जिला प्रशासन चंदौली ने गंभीरता से महसूस किया और इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मारूफपुर चौराहे की मरम्मत हेतु तत्काल कर्मचारियों को भेजा। कार्य होता देख बाजारवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने जिलाधिकारी चंदौली, पीडब्ल्यूडी विभाग और पत्रकार राकेश यादव रौशन को धन्यवाद ज्ञापित किया है। इस बाबत राकेश रौशन ने कहा कि यदि किसी कार्य को करने की इच्छा शक्ति और जज़्बा हो तो, कोई भी कार्य असंभव नही है।


खुशी ज़ाहिर करने वालों में बाज़ार के राजेश बीडीसी, विजय सिंह बालाजी, सर्वेश कन्हैया, ज़नाब शौकत अली, सूर्यनाथ मौर्य, रिंकू रसराज, रामदरस मौर्य, शैलेन्द्र सिंह, महेंद्र यादव, मनोज यादव पान भंडार, दया पेंटर, रविन्द्र यादव, कलेक्टर , बांगड़ चौरसिया, बेचू गुप्ता, संतोष गुप्ता, सूबेदार मौर्य आलोक प्रकाश, ज्ञानी प्रधान आदि लोग मुख्य रूप से शामिल थे।

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