योगी सरकार का आरक्षण घोटाला हुआ साबित: माले

लखनऊ, भाकपा (माले) ने कहा है कि 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में रिजल्ट फिर से जारी करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले से योगी सरकार का आरक्षण घोटाला साबित हुआ है। यह उचित प्रतिनिधित्व से वंचित अभ्यर्थियों के पिछले चार साल से जारी संघर्षों की जीत है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि योगी सरकार ने हकमारी की थी। पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इसे माना था। आरक्षित वर्ग के वंचित अभ्यर्थी इस मंत्री से उस मंत्री के दरवाजे गुहार लगाते रहे, धरना-प्रदर्शन किए। लेकिन अहंकारी भाजपा और उसकी सरकार ने एक न सुनी। विधानसभा में गलतबयानी की। अब सामाजिक न्याय के हित में बेहतर यही होगा कि योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने के बजाय हाई कोर्ट के फैसले पर अमल करे।
माले नेता ने कहा कि भाजपा दरअसल डॉ अंबेडकर लिखित संविधान के आरक्षण को खत्म करना चाहती है। उसकी विचारधारा आरक्षण के खिलाफ है। इसीलिए वह जातीय जनगणना भी नहीं कराना चाहती, क्योंकि तब वंचित जातियों को उनके पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण देना होगा।