भदोही में बिजली विभाग के एसडीओ-जेई का पुतला दहन, मांगें पूरी होने तक धरने पर अड़े किसान

भदोही के शदलुबीर बाजार में नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के नेताओं और ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली विभाग के एसडीओ और जेई का पुतला दहन किया। प्रदेश महासचिव शेषनाथ यादव के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मांगों का समाधान करने की मांग की और कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया।

भदोही। शदलुबीर बाजार में नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के नेताओं, किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली विभाग के एसडीओ और जेई का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्याएं सुनने और मांगों का समाधान करने की मांग की। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहने का ऐलान किया गया।

धरने का नेतृत्व कर रहे यूनियन के प्रदेश महासचिव शेषनाथ यादव ने सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने किसानों, गरीबों, मजदूरों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं के समाधान के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।

शेषनाथ यादव ने किसानों के खाते में 15 लाख रुपये भेजने के पुराने वादे का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी और न्याय की मांग करने वालों के साथ अन्याय हो रहा है, जबकि धार्मिक आयोजनों में दिखावे को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं का समाधान और संविधान के अनुरूप शासन चलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने सरकारी संस्थानों, रेलवे और हवाई सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों के निजीकरण तथा जीएसटी के प्रभावों पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, इन नीतियों का बोझ गरीबों, किसानों और मजदूरों पर पड़ रहा है। उन्होंने देश की आर्थिक स्थिति और आम जनता की कठिनाइयों का हवाला देते हुए सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की।

नौ सूत्रीय मांगों पर समाधान की मांग

शदलुबीर बाजार में बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण जारी है। पुतला दहन के बाद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं नहीं सुनते और समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी इस विरोध प्रदर्शन पर क्या कदम उठाते हैं।