चंदौली में सांप काटने पर 108 बनेगी पहली मदद, यूपी सरकार की गाइडलाइन में ASV से इलाज
चंदौली में सांप काटने की स्थिति में 108 एम्बुलेंस तत्काल चिकित्सा सहायता तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यूपी सरकार की सर्पदंश उपचार गाइडलाइन में एंटी स्नेक वेनम (ASV) को उपचार का हिस्सा बताया गया है। सर्पदंश होने पर देरी या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत 108 पर कॉल कर मरीज को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।
चंदौली। जिले में सर्पदंश की घटना होने पर अब इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत 108 एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध है और इसमें मरीज को प्राथमिक उपचार देते हुए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाने की व्यवस्था है। वहीं प्रदेश सरकार की सर्पदंश उपचार गाइडलाइन में एंटी स्नेक वेनम (ASV) को उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों वाले चंदौली जिले में सांप काटने की घटना को गंभीरता से लेते हुए परिजनों को तत्काल 108 पर फोन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश की आधिकारिक 108 एम्बुलेंस व्यवस्था के अनुसार आकस्मिक स्थिति में एम्बुलेंस मरीज तक पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराती है और उसे नजदीकी राजकीय स्वास्थ्य इकाई तक ले जाती है।
सर्पदंश में ASV अहम उपचार
उत्तर प्रदेश सरकार के राहत आयुक्त कार्यालय की सर्पदंश संबंधी मानक उपचार गाइडलाइन में Anti Snake Venom (ASV) Therapy के लिए अलग प्रावधान दिए गए हैं। इसमें ASV की खुराक, मरीज की निगरानी, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में उपयोग तथा ASV से होने वाली संभावित प्रतिक्रिया जैसे विषय शामिल हैं।
इसका मतलब है कि सांप काटने के बाद मरीज को झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना जरूरी है। यूपी राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी सर्पदंश की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को शीघ्र अस्पताल ले जाने और जरूरत पड़ने पर 108 एम्बुलेंस की मदद लेने की सलाह देता है।
चंदौली में 108 पर करें फोन
उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज के मुताबिक 108 एम्बुलेंस सेवा प्रदेश के सभी जिलों में संचालित है। यह सेवा नि:शुल्क और 24 घंटे उपलब्ध है तथा आकस्मिक स्थिति में मरीज को प्राथमिक उपचार के साथ निकटस्थ सरकारी स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाने की व्यवस्था करती है।
चंदौली जिले के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी एम्बुलेंस हेल्पलाइन 108 दर्ज है।
ये गलती बिल्कुल न करें
सांप काटने के बाद घबराकर काटे हुए स्थान पर चीरा लगाने, जहर चूसने, रस्सी कसकर बांधने या झाड़-फूंक कराने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। यूपी सरकार की सर्पदंश संबंधी सलाह में भी पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सकीय उपचार लेने पर जोर दिया गया है।
सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत रखते हुए कम से कम चलने-फिरने देना और तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। यदि संभव हो तो सांप का रंग या आकार याद रखा जा सकता है, लेकिन उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।