मिशन शक्ति 6.0: महिला सुरक्षा से बाल कल्याण तक, चंदौली पुलिस की विशेष पहल
चंदौली पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों, सरकारी योजनाओं और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। वहीं, क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी ने बिछिया स्थित राजकीय बालगृह में बच्चों को उपहार वितरित कर शिक्षा, अनुशासन और स्वावलंबन का संदेश दिया।

चंदौली। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए चंदौली पुलिस ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जिलेभर में जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस टीमों ने महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी। वहीं, क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी ने बिछिया स्थित राजकीय बालगृह में बच्चों के साथ पर्व की खुशियां साझा कर उन्हें उपहार वितरित किए।
महिलाओं को अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी
उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में बुधवार को जिले के समस्त थानों की पुलिस टीमों ने मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। बाजारों, कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
पुलिसकर्मियों ने बताया कि महिलाओं की सहायता और सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं एवं व्यवस्थाएं संचालित हैं। आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं इनका लाभ उठाकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित केंद्रों और सहायता सेवाओं से संपर्क कर सकती हैं।
महिला सुरक्षा कानूनों के प्रति किया जागरूक
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके संरक्षण से जुड़े प्रमुख कानूनों की जानकारी भी दी गई। इनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम, 2013, दहेज निषेध अधिनियम तथा गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के प्रमुख प्रावधान शामिल रहे।
पुलिस टीमों ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना है।
साइबर अपराध से बचाव पर भी रहेगा विशेष जोर
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। अभियान के आगामी चरण में सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही विभिन्न थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के कार्यों, उद्देश्यों और वहां उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर जागरूक हों और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता तंत्र का उपयोग कर सकें।
बालगृह में बच्चों के साथ साझा कीं पर्व की खुशियां
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत बुधवार को क्षेत्राधिकारी लाइन डॉ. चारु द्विवेदी के मार्गदर्शन में बिछिया स्थित राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं राजकीय बालगृह में महिला सशक्तिकरण और बाल प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आगामी पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. चारु द्विवेदी ने बालगृह में रह रहे बच्चों, महिला कार्यकत्रियों और शिक्षिकाओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने बच्चों के साथ खुशियां साझा करते हुए उन्हें मिष्ठान, खाद्य सामग्री, नए वस्त्र और उपहार वितरित किए।
संस्थान में कार्यरत महिला कार्यकत्रियों एवं शिक्षिकाओं को भी उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें आगामी पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।
शिक्षा, आत्मसम्मान और स्वावलंबन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान महिला कार्यकत्रियों एवं शिक्षिकाओं को महिला सशक्तिकरण, उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शासन की ओर से महिलाओं तथा बच्चों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
वहीं, बच्चों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।
चंदौली पुलिस की इस पहल का उद्देश्य महिला एवं बाल सुरक्षा के साथ-साथ समाज में सहयोग, अपनत्व और सकारात्मकता की भावना को बढ़ावा देना है। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने और बच्चों के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए सामाजिक सहभागिता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।