नईबाजार विद्यालय में छात्राओं के नेतृत्व और आत्मविश्वास को बढ़ावा, खुश्बू बनीं प्रधानाध्यापक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय नईबाजार, सकलडीहा में मिशन शक्ति के तहत कक्षा छह की छात्रा खुश्बू राय को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाया गया। उन्होंने प्रार्थना सभा, कक्षाओं के निरीक्षण, मध्याह्न भोजन व्यवस्था और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

सकलडीहा (चंदौली)। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नईबाजार में मिशन शक्ति के तहत कक्षा छह की छात्रा खुश्बू राय को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, प्रशासनिक समझ और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। प्रधानाध्यापक की भूमिका निभाते हुए खुश्बू ने प्रार्थना सभा से लेकर कक्षाओं के निरीक्षण, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों के संचालन तक में सक्रिय भागीदारी निभाई।
जिम्मेदारी संभालकर सीखी नेतृत्व की बारीकियां
एक दिन की प्रधानाध्यापक बनीं खुश्बू राय ने प्रार्थना सभा के संचालन के साथ अपने दायित्वों की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन बनाए रखने और विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने कक्षा शिक्षण की शुरुआत कराई और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को समझने का प्रयास किया।
खुश्बू ने विभिन्न कक्षाओं का अवलोकन किया तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने पर ध्यान दिया। इस अनुभव के माध्यम से उन्होंने जाना कि विद्यालय का संचालन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अनुशासन, समय प्रबंधन, विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान और सभी के साथ समन्वय बनाना भी महत्वपूर्ण है।
मध्याह्न भोजन और विद्यालय की गतिविधियों का लिया जायजा
विद्यालय की जिम्मेदारी संभालने के दौरान खुश्बू राय ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही खेलकूद, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास जैसी गतिविधियों के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
इस पहल ने छात्रा को विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से देखने और समझने का अवसर दिया। प्रधानाध्यापक के दायित्वों का निर्वहन करते हुए खुश्बू ने महसूस किया कि विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी, अनुशासन और समयबद्धता बेहद जरूरी हैं।

छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल
मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को अपनी क्षमता पहचानने, निर्णय लेने और नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है। कम उम्र में इस तरह का अवसर मिलने से छात्राओं को भविष्य में अपनी भूमिका और संभावनाओं को समझने का मौका मिलता है।
विद्यालय में खुश्बू राय को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे छात्राओं को यह संदेश मिलता है कि वे भी अपनी प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं।
इस दौरान विद्यालय के शिक्षक अरुण रत्नाकर, ज्योति भारद्वाज, सतीश कुमार, सुरेश कुमार और मृत्युंजय सहित अन्य शिक्षकों ने सहयोग किया। शिक्षकों के सहयोग से खुश्बू को विद्यालय की कार्यप्रणाली समझने और विभिन्न जिम्मेदारियों का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला।