चंदौली में सरकारी टेंडर के नाम पर 1.53 करोड़ की ठगी! फर्जी ऑर्डर से लगाया चूना, मुकदमा दर्ज
चंदौली के मुगलसराय में सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। GeM पोर्टल और फर्जी सरकारी ईमेल के जरिए भरोसा दिलाकर रकम लेने का आरोप है। पुलिस बैंक लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

फोटो: अशोक कुमार जायसवाल (पीड़ित)
चंदौली। सरकारी टेंडर दिलाने का भरोसा, फर्जी ईमेल से सरकारी ऑर्डर का जाल और सिक्योरिटी मनी के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये के लेनदेन का आरोप। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राज टायर हाउस के मालिक अशोक कुमार जायसवाल की शिकायत पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने निखिल कुमार चटर्जी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी सरकारी ऑर्डर दिखाकर रकम लेने का आरोप
गल्ला मंडी निवासी अशोक कुमार जायसवाल के मुताबिक, आरोपी ने उन्हें GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से रेलवे के डीएलडब्ल्यू, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य सरकारी संस्थानों में टेंडर दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि सरकारी काम मिलने और टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर सिक्योरिटी मनी मांगी गई। इसके बाद बैंक खातों के माध्यम से उनसे करीब 1 करोड़ 53 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
फर्जी ईमेल से सरकारी काम मिलने का दिलाया भरोसा
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी कथित तौर पर CISF, DFCCIL और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों समेत विभिन्न सरकारी संस्थानों के नाम से ईमेल भेजता था। इन ईमेल के जरिए उन्हें विश्वास होता रहा कि उनकी फर्म को सरकारी टेंडर मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
करीब एक महीने तक टेंडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अशोक कुमार जायसवाल ने जानकारी जुटानी शुरू की। उन्होंने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी। पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2026 में उन्हें पता चला कि उनकी फर्म के नाम पर संबंधित टेंडर हुआ ही नहीं था। इसके बाद उन्हें कथित धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
कुछ रकम वापस, बाकी के लिए काट रहे चक्कर
अशोक कुमार जायसवाल का कहना है कि इस मामले में कुछ धनराशि वापस मिली है, लेकिन शेष रकम अब भी बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी से लगातार प्रयास करने के बावजूद उनकी पूरी रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई करने और बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की।
पीड़ित के अनुसार, सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में अन्य पीड़ितों और कथित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
तीन धाराओं में मुकदमा, पुलिस ने शुरू की जांच
मुगलसराय कोतवाली में 10 अक्टूबर 2026 को निखिल कुमार चटर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक सतीश प्रकाश को सौंपी गई है।
अब पुलिस की जांच में बैंक खातों के लेनदेन, कथित ईमेल, टेंडर से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल अहम होगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ, कथित धोखाधड़ी में किन लोगों की भूमिका रही और पीड़ित की शेष रकम वापस दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, मामला दर्ज होने के बाद पीड़ित को पुलिस जांच से कार्रवाई की उम्मीद है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।