डीडीयू स्टेशन पर ट्रेन हादसे की मॉकड्रिल, रेलवे-एनडीआरएफ ने परखी बचाव की तैयारी
पीडीडीयू जंक्शन पर रेलवे और एनडीआरएफ ने करीब तीन घंटे की मॉकड्रिल कर ट्रेन दुर्घटना में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी परखी। अभ्यास में कोच में फंसे यात्रियों को निकालने, चिकित्सा सहायता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया।

डीडीयू नगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के यार्ड में रेलवे और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने ट्रेन दुर्घटना से निपटने के लिए मॉकड्रिल की। इसमें दानापुर-पुणे विशेष ट्रेन के एक कोच के पलटने की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। करीब तीन घंटे तक चले अभ्यास में कोच में फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालने, घायलों को उपचार उपलब्ध कराने और आपातकालीन संसाधनों की तत्परता परखी गई।
मॉकड्रिल के तहत गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे विशेष ट्रेन के पीडीडीयू जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर प्रवेश के दौरान एक यात्री कोच पलटने की स्थिति बनाई गई। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने दुर्घटना की सूचना दी, जिसके बाद आपातकालीन सायरन बजाया गया और रेलवे के विभिन्न विभाग सक्रिय हो गए। सूचना मिलते ही पीडीडीयू और गया से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान, दुर्घटना राहत ट्रेन तथा क्रेन मौके पर पहुंचीं।
अभ्यास के दौरान दुर्घटना में 10 यात्रियों की मौत और पांच के घायल होने की काल्पनिक स्थिति दर्शाई गई। एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के जवानों ने कटर की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कोच के चिह्नित हिस्सों को काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद कोच में फंसे घायलों को बाहर निकालने और राहत कार्यों को अंजाम देने का अभ्यास किया गया।
पूरी प्रक्रिया चंदौली के डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एनडीआरएफ कमांडेंट आशीष सिंह चौहान, नागरिक सुरक्षा के मास्टर ट्रेनर प्रवीर यादवेंदु एवं कमलेश तिवारी, पीडीडीयू मंडल के एडीआरएम कुलदीप और वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी संतोष कुमार की देखरेख में संपन्न हुई।
मॉकड्रिल में एनडीआरएफ के 60 जवानों और 20 स्काउट्स एवं गाइड्स के साथ राज्य पुलिस, नागरिक सुरक्षा, राज्य अग्निशमन सेवा, जिला चिकित्सा विभाग तथा रेलवे के संरक्षा, परिचालन, यांत्रिक, विद्युत, अभियांत्रिकी, सिग्नल एवं दूरसंचार, चिकित्सा, वाणिज्य और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने अधिकारियों से राहत संसाधनों, बचाव कार्यों और चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने जरूरत के अनुसार तैयारियों को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।