चंदौली में मोबाइल रिपेयरिंग का 31 दिवसीय प्रशिक्षण, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर
मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार की दिशा में एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है। आज के समय में मोबाइल फोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उसकी मरम्मत और रखरखाव से जुड़ी सेवाओं की मांग बनी रहती है। ऐसे में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव, ग्राहकों से संवाद करने का कौशल और व्यवसाय प्रबंधन की जानकारी भी युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर सकती है।

चंदौली। बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), चंदौली की ओर से मोबाइल रिपेयरिंग का 31 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 19 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाला है। इसके माध्यम से युवाओं को मोबाइल फोन की मरम्मत का कौशल सिखाकर अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
18 से 50 वर्ष तक के लोग कर सकते हैं आवेदन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं और जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए RSETI चंदौली कार्यालय से संपर्क कर आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
31 दिनों तक दिया जाएगा मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण
मोबाइल रिपेयरिंग का यह प्रशिक्षण 31 दिनों का होगा। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को मोबाइल मरम्मत से संबंधित व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे इस क्षेत्र में अपना काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकें। मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मरम्मत संबंधी सेवाएं स्वरोजगार का एक विकल्प बन सकती हैं।
प्रशिक्षण के बाद बैंक ऋण लेने में मिलेगी सहायता
RSETI के इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थियों को मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान या अन्य संबंधित स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक ऋण लेने की प्रक्रिया में सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि, ऋण की मंजूरी बैंक के निर्धारित नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगी।
इच्छुक अभ्यर्थी कहां करें संपर्क?
मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक युवक-युवतियां यूनियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), चंदौली के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले ही पंजीकरण, सीटों की उपलब्धता, आवश्यक दस्तावेजों और आवासीय या गैर-आवासीय सुविधा के संबंध में संस्थान से जानकारी प्राप्त कर लें।
यह प्रशिक्षण उन बेरोजगार युवाओं के लिए उपयोगी अवसर साबित हो सकता है, जो तकनीकी कौशल सीखकर नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।