चंदौली पुलिस लाइन हादसा: पांच दिन बाद भी नहीं मिला पूरा मुआवजा, तहसीलदार ने दिया भरोसा
पुलिस लाइन हादसे में मजदूर की मौत के बाद घोषित मुआवजे का पूरा भुगतान और भूमि आवंटन अब परिजनों की प्रमुख अपेक्षा है। तहसीलदार के आश्वासन के बाद अब शेष सहायता मिलने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
चंदौली। सकलडीहा क्षेत्र के भोजापुर स्थित निर्माणाधीन पुलिस लाइन में मजदूर की मौत के पांच दिन बाद भी परिजनों को घोषित मुआवजे का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। मंगलवार को तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर शेष मुआवजा दिलाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

भोजापुर में मृतक मजदूर अशोक राजभर के परिजनों से बातचीत करते तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह।
भोजापुर निवासी रामजीत राजभर के 34 वर्षीय पुत्र अशोक राजभर की बीते शुक्रवार को निर्माणाधीन पुलिस लाइन की सातवीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग उठाई थी। सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर भी समर्थकों व ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए थे।
धरने के बाद कार्यदायी संस्था की ओर से परिजनों को दो लाख रुपये नकद और तीन लाख रुपये का चेक दिया गया था। इसके साथ ही बीमा सहित कुल 21 लाख रुपये की सहायता और भूमि आवंटन की घोषणा की गई थी। हालांकि, पांच दिन बीतने के बाद भी शेष मुआवजे की व्यवस्था नहीं होने से परिजनों में नाराजगी है।
मंगलवार को तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने शेष मुआवजा दिलाने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल पूजा सिंह, विनय सिंह, रिंकू राजभर, जयनारायण राजभर सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।