आसमान में छाए बादल, चंदौली के किसानों को फसल बर्बाद होने का डर

धान की कटाई के समय बारिश और तेज हवा किसानों के लिए दोहरी चुनौती बन सकती है। खड़ी फसल गिरने के साथ कटी उपज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में मौसम का आगामी रुख किसानों की उपज और उनकी आमदनी पर असर डाल सकता है।

चंदौली। आसमान में छाए बादलों और मौसम में संभावित बदलाव ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को चंदौली समेत पूर्वांचल के कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। इससे पककर तैयार हो रही धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।

कटाई के समय मौसम की मार का डर

इस समय जिले के कई इलाकों में धान की फसल पककर तैयार होने की स्थिति में है। किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में बारिश और तेज हवा फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। तेज हवा से धान की फसल गिरने और बालियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, बारिश के कारण कटाई और मड़ाई का काम भी प्रभावित हो सकता है।

कटी फसल भीगने से गुणवत्ता पर असर

जिन किसानों ने धान की कटाई कर फसल खेतों में रखी है, उनकी चिंता भी बढ़ गई है। बारिश होने पर कटी फसल भीग सकती है, जिससे धान की गुणवत्ता खराब होने और उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मौसम पर टिकी किसानों की निगाहें

मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। अगले दो दिनों में मौसम का रुख धान की कटाई और उपज की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।