चंदौली में बीज दुकानों पर छापेमारी, 20 नमूने लिए; पांच प्रतिष्ठानों को नोटिस
रबी की बुवाई के दौरान बीज की गुणवत्ता फसल की पैदावार को सीधे प्रभावित करती है। चंदौली में 42 दुकानों का निरीक्षण, 20 नमूनों की जांच और पांच प्रतिष्ठानों को नोटिस की कार्रवाई से बीज बिक्री पर निगरानी बढ़ाने का संकेत मिलता है। प्रयोगशाला जांच के परिणामों से बीज की गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
चंदौली, 27 अक्टूबर। रबी फसलों की बुवाई से पहले किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जिले में बीज बिक्री केंद्रों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान 42 दुकानों का निरीक्षण कर सरसों, चना, मटर और गेहूं के कुल 20 नमूने लिए गए। वहीं, पांच बीज एवं उर्वरक प्रतिष्ठान बंद मिलने पर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम ने चंदौली सदर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, सकलडीहा, चकिया और नौगढ़ क्षेत्रों में रैंडम आधार पर जांच की। लिए गए बीज नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच में बीज अधोमानक पाए जाने पर बीज नियंत्रण आदेश, 1983 और बीज अधिनियम, 1966 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान मेसर्स ईश्वर बीज भंडार, जनौली; मेसर्स उमरावती एग्री जंक्शन खाद-बीज भंडार, कमालपुर; मेसर्स पंडित खाद एवं बीज भंडार, कमालपुर; मेसर्स खुशबू बीज भंडार, धानापुर और मेसर्स आदर्श कृषि विकास, धानापुर बंद मिले। इन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि रबी फसलों की बुवाई के लिए गेहूं, चना, मटर और सरसों सहित अन्य फसलों के केवल प्रमाणित बीज खरीदें। उन्होंने बीज विक्रेताओं को स्टॉक और बिक्री रजिस्टर अद्यतन रखने तथा प्रत्येक किसान को बीज खरीदने पर कैश मेमो उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में रबी फसलों की बुवाई के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में निजी एवं सहकारी बिक्री केंद्रों पर 17,031 मीट्रिक टन यूरिया, 8,461 मीट्रिक टन डीएपी और 3,337 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसानों से फार्मर रजिस्ट्री और प्रमाणित खतौनी के साथ उर्वरक खरीदने तथा फसल के लिए निर्धारित संस्तुत मात्रा के अनुसार ही इसका इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
रिपोर्ट -आनंद कुमार