चंदौली में रंगदारी गिरोह का गैंग पंजीकरण, छह सदस्य चिह्नित

छह आरोपितों के गिरोह का गैंग पंजीकरण चंदौली पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीति का हिस्सा है। गैंग नंबर 95 के तहत पंजीकरण से चिह्नित गिरोह की गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, मुकदमे दर्ज होना आरोपों का रिकॉर्ड है; दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय से ही तय होती है।

चंदौली। जानलेवा हमले, मारपीट, तोड़फोड़ और रंगदारी मांगने के आरोपों में चंदौली पुलिस ने छह आरोपितों के गिरोह का गैंग पंजीकरण किया है। गिरोह को जनपद स्तर पर गैंग नंबर 95 आवंटित किया गया है। पुलिस ने अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह को गैंग लीडर चिह्नित किया है, जिसके खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य संगठित होकर गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। इनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से थाना चंदौली पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

गैंग लीडर समेत छह सदस्य चिह्नित

पुलिस की ओर से जारी विवरण के मुताबिक, गिरोह में मझवार निवासी अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह, शुभम पांडेय, रितेश सिंह उर्फ रिशू सिंह और सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन सिंह शामिल हैं। इनके अलावा कंदवा थाना क्षेत्र के मौहुजी निवासी विक्रान्त सिंह और सकलडीहा थाना क्षेत्र के भोजापुर निवासी सौरभ सिंह को भी गिरोह का सदस्य चिह्नित किया गया है।

पुलिस के अनुसार, अमन सिंह के खिलाफ 10, रितेश सिंह के खिलाफ आठ, सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ छह, शुभम पांडेय के खिलाफ पांच, विक्रान्त सिंह के खिलाफ तीन और सौरभ सिंह के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में मारपीट, जानलेवा हमले, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न आरोपों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में कार्रवाई

गैंग पंजीकरण की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर पांडेय के नेतृत्व में थाना चंदौली पुलिस टीम ने की। पुलिस का कहना है कि गिरोह की आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए निगरानी की जाएगी।