इटवां में बुखार से तप रहे किशोर के मुंह पर स्प्रे मार लाखों के जेवर उड़ाए, महीने भर में आठ वारदातें, हाथ पर हाथ धरे बैठी बलुआ पुलिस

बलुआ क्षेत्र में महीने भर के भीतर आठ लूट और चोरी की वारदातें सामने आना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। मंदिरों से लेकर घरों और व्यापारियों तक को निशाना बनाया जाना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है। इटवां में बीमार किशोर पर हमला इस चुनौती की गंभीरता को और बढ़ाता है। अब बलुआ पुलिस की असली परीक्षा पुराने मामलों का खुलासा करने, अपराधियों को गिरफ्तार करने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम करने की है।

मंदिरों से लेकर घरों और व्यापारियों तक को बनाया निशाना, 1.20 लाख की लूट समेत कई वारदातों से क्षेत्र में दहशत; बीमार किशोर के विरोध पर बदमाशों ने की बेरहमी से पिटाई

चंदौली/चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हैं और आमजन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते एक महीने में चोरी और लूट की कम से कम आठ वारदातें सामने आने के बावजूद क्षेत्र में अपराध का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। मंदिरों से लेकर घरों और व्यापारियों तक को निशाना बनाने वाले बदमाश अब घरों में सो रहे लोगों पर हमला करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। ताजा मामला इटवां गांव का है, जहां तीन नकाबपोश चोरों ने बुखार से तप रहे 17 वर्षीय किशोर के मुंह पर स्प्रे छिड़ककर लाखों के जेवरात और नकदी पार कर दी। विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई भी की।

बक्से का ताला तोड़ते ही खुली किशोर की नींद, विरोध पर पीटा

इटवां गांव निवासी मुन्ना प्रजापति के घर में बीती रात करीब 12 बजे तीन नकाबपोश चोर गमछे से चेहरा ढककर दाखिल हुए। घर के एक कमरे में उनका 17 वर्षीय बेटा राजकुमार बुखार से पीड़ित होने के कारण दवा खाकर सो रहा था। उसी कमरे में रखे बक्से में परिवार के जेवरात रखे थे।

चोरों ने जैसे ही बक्से का ताला तोड़ना शुरू किया, आवाज सुनकर राजकुमार की नींद खुल गई। उसने शोर मचाते हुए चोरों को रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसके मुंह पर स्प्रे छिड़क दिया। इससे उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इसके बावजूद हिम्मत दिखाते हुए किशोर ने एक चोर का पैर पकड़ लिया। इससे बौखलाए बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया और छत के रास्ते फरार हो गए।

परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर मड़ई में सो रहे थे। जब तक उन्हें घटना की जानकारी हुई और वे मौके पर पहुंचे, तब तक बदमाश अंधेरे में गायब हो चुके थे।

तीन लाख के जेवर और 12 हजार नकद ले गए चोर

पीड़ित मुन्ना प्रजापति के मुताबिक चोर एक पाव चांदी की पैंजनी, आधा किलो की करधनी, सोने की सिकड़ी, मंगलसूत्र, अंगूठी, चार दुल्हन पायल, दो सादा पायल और 12 हजार रुपये नकद उठा ले गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है।

महीने भर में आठ लूट और चोरियां, मंदिरों से घरों तक चोरों की पहुंच

बलुआ थाना क्षेत्र में अक्टूबर महीने के दौरान चोरी और लूट की घटनाओं का सिलसिला लगातार सामने आया है। खंडवारी और हिनौता स्थित दो काली माता मंदिरों में चोरी की घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। इसके बाद 3 अक्टूबर को टेढ़की पुलिया के पास एक व्यापारी से 1.20 लाख रुपये की लूट हुई।

रामगढ़ गांव में दो दिनों के भीतर चार अलग-अलग चोरी की घटनाएं सामने आईं। चोरों ने पोस्ट ऑफिस भवन, एक घर और पशुपालक को निशाना बनाया। साइकिल, तीन बकरियां और मोबाइल फोन भी चोरी हुए। अब इटवां में बीमार किशोर पर हमला कर जेवरात चोरी करने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।

पुलिस के सामने सवाल, पुराने मामलों का खुलासा कब?

एक महीने में कम से कम आठ वारदातों का सामने आना पुलिस की रात्रि गश्त और अपराध नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। व्यापारी से 1.20 लाख रुपये की लूट समेत पुरानी घटनाओं के खुलासे को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

हालांकि, इन सभी मामलों में कितने का खुलासा हुआ और कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए, इसका आधिकारिक समेकित आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल है कि आखिर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा? रात के अंधेरे में घरों को निशाना बनाने वाले बदमाशों तक पुलिस कब पहुंचेगी?

इटवां की घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। लेकिन क्षेत्र के लोगों को अब केवल जांच और कार्रवाई के आश्वासन नहीं, बल्कि अपराधियों की गिरफ्तारी, चोरी गए सामान की बरामदगी और पुरानी वारदातों के ठोस खुलासे का इंतजार है।