विंध्य एक्सप्रेस-वे पर किसानों का आर-पार का ऐलान, बोले- जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे

विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण का विरोध अब किसानों के संगठित आंदोलन का रूप ले रहा है। लगातार तीसरे दिन धरने पर डटे किसानों का संदेश साफ है कि विकास परियोजना के नाम पर उनकी जमीन और आजीविका से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब निगाहें प्रशासनिक पहल और किसानों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

खराब मौसम भी नहीं डिगा सका किसानों का हौसला, तीसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना; जबरिया भूमि अधिग्रहण रद्द करने की मांग पर अड़े किसान

चंदौली। विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के नाम पर कथित जबरिया भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। चंदौली सदर तहसील के फत्तेपुर कलां में संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। खराब मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के कदम नहीं डिगे। धरना स्थल पर गूंजते नारों ने आंदोलन के तेवर और कड़े कर दिए।

‘जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे’ और ‘जबरिया भूमि अधिग्रहण रद्द करो’ के नारों के साथ किसानों ने अपना विरोध बुलंद किया। उनका कहना है कि जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, परिवार के भविष्य और पीढ़ियों की मेहनत का आधार है। ऐसे में जबरिया भूमि अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

किसानों ने साफ संदेश दिया कि जमीन बचाने की इस लड़ाई में वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। तीसरे दिन भी खराब मौसम के बीच किसानों की मौजूदगी ने आंदोलन के प्रति उनके संकल्प को जाहिर किया।

धरना स्थल पर संतोष यादव, रामनारायण यादव, रमेश यादव, जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। धरने का संचालन सदानंद यादव ने किया।