नेवादा में किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद, लेखपाल ने किया स्थलीय निरीक्षण
चंदौली जनपद में धान की फसल की बर्बादी सिर्फ खेतों का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों की महीनों की मेहनत, लागत और सालभर की उम्मीदों पर चोट है। अब फसल क्षति का सही आकलन और समय पर मुआवजा ही प्रभावित किसानों को राहत दे सकता है

सैयदराजा (चंदौली)। मौसम की मार ने किसानों की महीनों की मेहनत और सालभर की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में लहलहाने वाली धान की फसल बर्बादी की भेंट चढ़ गई है। सैयदराजा क्षेत्र के ग्राम सभा नेवादा में फसल नुकसान की सूचना पर लेखपाल राजीव ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान किसान रामाज्ञा पुत्र गौरी और गुलाब प्रसाद पुत्र सुखराम की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद पाई गई।
फसल की यह स्थिति देखकर किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों के लिए धान की फसल ही उनकी सालभर की मेहनत और आजीविका का बड़ा सहारा होती है। ऐसे में पूरी फसल नष्ट होने से उनकी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। किसानों को अब अगली फसल की तैयारी के साथ ही परिवार की जरूरतों और खेती में लगी पूंजी की चिंता सताने लगी है।
लेखपाल राजीव ने खेतों में पहुंचकर फसल की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का निरीक्षण किया। किसानों को उम्मीद है कि क्षति का निष्पक्ष आकलन कर शासन-प्रशासन तक रिपोर्ट पहुंचाई जाएगी, ताकि उन्हें नियमानुसार मुआवजे का लाभ मिल सके।